उत्तराखंड चुनाव: हॉट सीट बनी केदारनाथ विधानसभा सीट, जानिए किसे टिकट देगी बीजेपी

केदारनाथ विधानसभा सीट में इस वक्त बीजेपी का टिकट पाने के लिए आशा नौटियाल, संजय शर्मा दरमोड़ा, शैला रानी रावत और कुलदीप रावत के बीच रस्सा कस्शी चल रही है।
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kedarnath vidhansabha seat : BJP contenders from Kedarnath vidhansabha seat
Image: BJP contenders from Kedarnath vidhansabha seat

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में प्रत्याशियों के बीच टिकट पाने की होड़ लगी हुई है। आज हम आपको हॉट सीट माने जाने वाली केदारनाथ विधानसभा सीट के बारे में बता रहे हैं। केदारनाथ विधानसभा सीट में कांग्रेस का प्रत्याशी तो लगभग तय है लेकिन बीजेपी का टिकट पाने के लिए दावेदारों के बीच होड़ मची हुई है। केदारनाथ विधानसभा सीट में इस वक्त बीजेपी का टिकट पाने के लिए आशा नौटियाल, संजय शर्मा दरमोड़ा, शैला रानी रावत और कुलदीप रावत के बीच रस्सा कस्शी चल रही है। इस बीच खबर ये भी है कि हरक सिंह रावत केदारनाथ विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने बकायदा इसकी जिद भी कर ली है। यूं तो हरक के यहां से चुनाव लड़ने की संभावनाएं प्रबल हैं लेकिन अगर हरक सिंह रावत केदारनाथ सीट से मैदान में नहीं उतरे तो केदारनाथ विधानसभा सीट से आशा नौटियाल और संजय शर्मा दरमोड़ा से ज्यादा मजबूत चेहरा बीजेपी के लिए मैदान में नहीं है। आशा नौटियाल पहले भी केदारनाथ विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। इसलिए उनका इस सीट पर दबदबा ज्यादा माना जा रहा है। लेकिन दरम्वाड़ी गांव के संजय शर्मा दरमोड़ा भी अपना अलग प्रभाव रखते हैं। युवा चेहरा, पढ़े-लिखे और शालीन माने जाने वाले संजय शर्मा दरमोड़ा हाईकोर्ट में सॉलिसिटर भी है। स्थानीय होने के कारण वो स्थानीय जनता का दर्द भी समझते हैं। आगे पढ़िए

उधर कुलदीप रावत की बात करें तो उन्हें लेकर केदारनाथ विधानसभा सीट में अलग ही चर्चाएं हो रही है। दरअसल कुलदीप रावत एक प्रॉपर्टी डीलर हैं। दीक्षा प्रॉपर्टीज के नाम से उन्होंने खूब पैसा कमाया है। अब ये पैसा दो नंबर का है या एक नंबर का? ये तो आने वाला वक्त ही तय करेगा। इस बीच कुलदीप रावत पर आरोप लग रहे हैं कि वो अपना वोट बैंक बनाने के लिए युवाओं के बीच पैसा और शराब परोस रहे हैं। खबर तो ये भी है कि बीजेपी की टिकट पाने के लिए कुलदीप रावत किसी भी हद तक पैसा बहा सकते हैं। यानी धनबल के दम पर वो अपनी हर जिद पूरी करना चाहते हैं। चर्चाएं तो यहां तक भी हो रही हैं कि अपने बारे में उत्कृष्ट खबर लिखवाने के लिए उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से भी डील की है। खैर...आगे आगे देखते हैं क्या होता है। उधर शैला रानी रावत की बात करें तो पिछले चुनाव में वो चौथे नंबर पर नहीं थी। यहां बीजेपी की करारी हार हुई थी। ऐसे में इस बार भारतीय जनता पार्टी शैला रानी रावत पर कम ही दांव लगा सकती है। अगर केदारनाथ विधानसभा सीट में है हरक सिंह रावत की एंट्री होती है तो समीकरण उलट जाएंगे। लेकिन अगर हरक सिंह रावत इस सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़े तो आशा नौटियाल और संजय शर्मा दरमोड़ा से बेहतर विकल्प कोई नहीं है।