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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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पिथौरागढ़: 14 फरवरी...यह दिन तय हुआ है उत्तराखंड में चुनावों के लिए। इस दिन जनता डिसाइड करेगी कि राज्य की कमान किस पार्टी के हाथ में सौंपनी है। उत्तराखंड में जोरों शोरों से चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं। जहां एक और सभी पार्टियां अपने प्रचार प्रसार में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोजन की तैयारियों ने भी जोर पकड़ लिया है। हर जिले में अलग-अलग स्तर पर चुनाव आयोजन को लेकर प्लानिंग की जा रही है और प्लानिंग के हिसाब से कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ सबसे बड़ी समस्या आ रही है पहाड़ी जिलों में वोटिंग का आयोजन करवाना। भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से मैदानी जिले पहाड़ी जिलों से कई गुना अधिक बेहतर और सुविधाजनक हैं। ऐसे में पहाड़ों पर वोटिंग का आयोजन कराना चैलेंजिंग है। पहाड़ों पर आधे से ज्यादा समय मौसम खराब रहने के कारण भारी चुनौतियां रहती हैं। खास कर कि सर्दियों के दिनों में जब अक्सर मौसम खराब रहता है, तो हिमपात के कारण सड़क बंद हो जाती है। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। यहां मुनस्यारी में 3400 मीटर की ऊंचाई पर मिलम-लास्पा में बड़ी संख्या में श्रमिक भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य में जुटे हैं।
मुनस्यारी से करीब 54 किमी दूर लास्पा में छह फीट से अधिक हिमपात हुआ है। ऐसे में भारत-चीन सीमा पर बन रही सड़क निर्माण के काम में लगे मजदूर वोट डालने के लिए हेलीकॉप्टर से लाए जाएंगे। भारी बर्फबारी के कारण बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने यह फैसला लिया है। बता दें कि इस समय सीमांत पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में 3400 मीटर की ऊंचाई पर मिलम-लास्पा में बड़ी संख्या में श्रमिक भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य में जुटे हैं। मुनस्यारी से करीब 54 किमी दूर लास्पा में छह फीट से अधिक हिमपात हुआ है। ऐसे में वोटिंग के लिए जाना मजदूरों के लिए नामुमकिन है इसी वजह से प्रशासन ने उनके लिए हेलीकॉप्टर का प्रबंध किया है। मतदान की तारीख तक भी बर्फ से ढके पैदल मार्गों के खुलने के कोई आसार नहीं हैं। इसलिए स्थानीय मजदूरों को वोट डालने के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए निचले इलाकों में लाया जाएगा। अब तक सौ ऐसे लोग चिह्नित किए जा चुके हैं। बीआरओ, मुनस्यारी के उप कमान अधिकारी का कहना है कि हमने ऊंचाई वाले इलाकों में काम कर रहे लोगों को मतदान के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा देने का फैसला लिया है। अभी तक 100 ऐसे लोग हैं। आगे भी ऐसे लोग आएंगे, तो उन्हें हेलीकॉप्टर से मतदान केन्द्रों तक पहुंचाया जाएगा। उधर, उत्तरकाशी में बीआरओ के मेजर वीएस वीनू ने बताया कि हमारे यहां करीब 3400 मजदूर काम कर रहे हैं। लेकिन अधिकांश रूट खुले हैं। इसलिए मतदान के दिन मजदूरों को अवकाश दे दिया जाएगा।