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श्रीनगर गढ़वाल: पहले टिहरी, फिर उत्तरकाशी और अब श्रीनगर...मरे हुए लोगों का हक डकारने वाले नपने लगे हैं। सबसे पहले टिहरी के कोषागार में 2 करोड़ 42 लाख के गबन का मामला सामने आया। जिसके बाद प्रदेश के दूसरे कोषागारों में भी जांच बैठा दी गई।
पौड़ी गढ़वाल ट्रेज़री में दोनों आरोपियों ने करीब साढ़े 38 लाख रुपये का गबन किया है। एक आरोपी लेखाकार हरि दर्शन बिष्ट की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी लेखाकारों ने मृतक रिटायर कर्मियों की पेंशन अपने अकाउंट में ट्रांसफर की। इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया गया। आरोपी मृतक पेंशनरों की पेंशन अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर करते थे। बाद में उन्हें कमीशन देकर रकम वापस ले लिया करते थे।
इस मामले की जांच कोतवाली श्रीनगर एसएसआई रणवीर रमोला कर रहे हैं। कोषागार पौड़ी में भी 15 लाख से अधिक की धनराशि के गबन का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने लेखा लिपिक नितिन रावत के खिलाफ सरकारी धन के गबन और दस्तावेज गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। नितिन रावत पर 15 लाख 36 हजार 362 रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों ही मामलों में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।