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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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हल्द्वानी: कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती। खैर ये बातें अब पुरानी हो गई हैं। बदलते वक्त के साथ मानवीय संवेदनाएं भी खत्म होती जा रही हैं। अब नैनीताल का ही मामला ले लें। यहां हल्द्वानी में कलयुगी मां ने नवजात शिशु को जन्म देने के बाद खेत में फेंक दिया। बच्चा रात के वक्त 6 डिग्री न्यूनतम तापमान में खुले आसमान के नीचे पड़े रहने के बाद भी ठंड को हराकर जिंदा रहा। गुरुवार को जब आसपास के लोगों ने बच्चे को रोते देखा, तब कहीं जाकर बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है। लोग कड़कड़ाती ठंड में बच्चे के जीवित रहने को चमत्कार बता रहे हैं। डॉक्टर भी हैरान हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ठंड में नवजात को ज्यादा खतरा रहता है। इस मामले में बच्चा कड़ाके की ठंड में जीवित रहा, इसे चमत्कार जैसा कुछ कह सकते हैं। फिलहाल नवजात को एसएनसीयू में रखकर उसकी देखभाल की जा रही है। उसकी जरूरी जांचें की जा रही हैं। घटना मंडी चौकी क्षेत्र की है।
पुलिस के अनुसार मंडी चौकी क्षेत्र में पुरानी आईटीआई के पास वृंदावन बिल्डर वाली गली में गुरुवार सुबह लोगों को खाली खेत से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने पुलिस को बच्चे के बारे में बताया। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात को गर्म कपड़े में लपेटकर एसटीएच ले गई। पुलिस शुरुआती जांच में मामले को अवैध संबंध से जुड़ा बता रही है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बच्चे को लावारिस छोड़ने वाले के बारे में पता चल सके। अस्पतालों में भी पूछताछ की गई। उधर, रात में कड़ाके की ठंड में खुले आसमान तले पड़े रहने के बाद भी शिशु के स्वस्थ होने पर भी लोग हैरानी जता रहे हैं। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बता दें कि हल्द्वानी में एक महीने पहले भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी। बरेली रोड पर आरएफसी गोदाम के पास नवजात बच्ची का शव मिला था। जिसे कुत्ते नोंच रहे थे। उस घटना का अब तक खुलासा नहीं हुआ है।