उत्तराखंड: BJP ने उतारी हरक की हनक...6 साल के लिए निष्कासित

हरक कोटद्वार की सीट बदलने के साथ-साथ परिवार के तीन लोगों के लिए टिकट मांग रहे थे। लगातार दबाव बना रहे हरक को बीजेपी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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Uttarakhand Assembly Elections 2022: Harak Singh Rawat Expelled from BJP
Image: Harak Singh Rawat Expelled from BJP

देहरादून: हरक सिंह रावत। उत्तराखंड की सियासत का वो चेहरा जो जब-तब अपनी पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बनते रहे। पिछले कई महीनों से खबरें थीं कि हरक अपनी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बाद में उनके मान जाने की खबरें आईं। चुनाव से पहले टिकट के बंटवारे की चर्चा चली तो हरक सिंह रावत खुद के साथ-साथ अपनी बहू के लिए भी टिकट मांगने लगे। बहरहाल उनके दोबारा कांग्रेस में लौटने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार रात को राज्य मंत्री हरक सिंह रावत को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया है। हरक सिंह को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। बताया गया है कि हरक कोटद्वार की सीट बदलने और परिवार के तीन लोगों के लिए टिकट मांग कर बीजेपी पर लगातार दबाव बना रहे थे।

हरक सिंह रावत साल 2016 में कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में आए थे। बीजेपी ने न सिर्फ उन्हें कोटद्वार से टिकट देकर उम्मीदवार बनाया बल्कि कैबिनेट मंत्री के पद से भी नवाजा। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से उनके लगभग चार साल के कार्यकाल में हरक का छत्तीस का आंकड़ा बना रहा। उत्तराखंड प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मदन कौशिक ने हरक सिंह रावत को पार्टी और मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हरक सिंह रावत को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण बीजेपी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। अब हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। बीजेपी की सदस्यता से निष्कासित हरक सिंह आज फिर से कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।