लैंसडौन से टिकट के दावेदारों ने कहा कि अगर कांग्रेस हरक सिंह रावत या उनकी पुत्रवधू को टिकट देती ही है तो वो सामूहिक इस्तीफा देकर किसी एक व्यक्ति को निर्दलीय चुनाव लड़वाएंगे।
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कोमल नेगी
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Image: Anukriti Rawat protest in Lansdowne Assembly
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे डॉ. हरक सिंह रावत ने कभी सपने ने भी नहीं सोचा होगा कि उन्हें ऐसे दिन देखने पड़ेंगे। पिछले 6 दिनों से हरक पैदल थे, उन्हें अब कांग्रेस के रूप में नया ठौर मिल गया है। हरक और उनकी बहू के कांग्रेस ज्वाइन करने की जैसे ही चर्चाएं शुरू हुई थीं, उस दौरान ही लैंसडौन में अनुकृति गुसांई का विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी से निकाले जाने के बाद हरक अब कांग्रेस के दरवाजे पर गए और खबर है कि अनुकृति लैंसडौन से चुनाव लड़ेंगी। इन चर्चाओं से लैंसडौन सीट पर कांग्रेस टिकट के दावेदारों में भी बेचैनी है और वहां घमासान छिड़ गया है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक लैंसडौन से टिकट की दावेदारी करने वाले सदस्यों ने अनुकृति की कांग्रेस में एंट्री का विरोध किया। साथ ही कहा कि अगर पार्टी लैंसडौन से डॉ. हरक सिंह रावत या उनकी पुत्रवधू को टिकट देती ही है तो वो सामूहिक इस्तीफा देकर किसी एक व्यक्ति को निर्दलीय चुनाव लड़वाएंगे। आगे पढ़िए
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विधानसभा में मेहनत से कांग्रेस पार्टी को खड़ा करने वाले नेताओं की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को लैंसडौन में एक प्रेस कांफ्रेंस हुई थी। इसमें ब्लॉक प्रमुख दीपक भंडारी ने कह दिया था कि डॉ. हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल होने के बाद अपनी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं को लैंसडौन से टिकट दिलवाना चाहते हैं, लेकिन अगर पार्टी ने ऐसा किया तो कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे। वर्तमान में लैंसडौन विधानसभा से रंजना रावत, ज्योति रौतेला, दीपक भंडारी, राजेंद्र भंडारी, पिंकी नेगी, मनीष सुंदरियाल, गोपाल रावत, रघुवीर बिष्ट, मधु बिष्ट, रश्मि पटवाल, धीरेंद्र प्रताप और रामरतन नेगी ने कांग्रेस से प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया है। उनका कहना है कि नामांकन से चंद दिन पहले पार्टी में शामिल होने वाले किसी भी प्रत्याशी को विधानसभा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।