उत्तराखंड चुनाव: कांग्रेस से BJP में आई सरिता, नैनीताल से मिला टिकट..बागी बने बाकी प्रत्याशी

3 दिन पहले कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल होने वाली सरिता आर्य को नैनीताल से दिया टिकट, अन्य प्रत्याशियों ने की बगावत-
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Nainital Sarita Arya: Sarita Arya protest in Nainital
Image: Sarita Arya protest in Nainital

नैनीताल: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जिन सीटों पर दावेदारों को टिकट नहीं मिला है, वहां पर नेताओं ने बगावात शुरू कर दी है। नैनीताल विधानसभा सीट की बात करते हैं। यहां पर भाजपा ने 3 दिन पूर्व ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई सरिता आर्य को टिकट दे दिया। ऐसे में तन-मन से भाजपा के लिए काम कर रहे नेताओं के बीच आक्रोश झलक रहा है। दरअसल कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी में शामिल हुई सरिता आर्य को पार्टी ने नैनीताल विधानसभा सीट से टिकट दिया है। लेकिन उनको टिकट देते ही पार्टी में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। नैनीताल विधानसभा सीट से खड़े अन्य प्रत्याशियों ने बगावती तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। नैनीताल विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी कर रहे आधा दर्जन दावेदार सरिता आर्य का विरोध कर रहे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी और नैनीताल विधानसभा सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे वाले दिनेश आर्य, कमला आर्य, प्रकाश आर्य, मोहन पाल और हेम आर्य ने सरिता आर्य को टिकट देने का खुलकर विरोध किया।

दिनेश आर्य ने कहा कि 3 दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ भाजपा में शामिल होने वाली सरिता आर्य को टिकट देकर भारतीय जनता पार्टी में अन्य प्रत्याशियों एवं नेताओं का अपमान किया है। बीजेपी हाईकमान ने संगठन में लंबे समय से सेवा कर रहे कार्यकर्ताओं का अपमान किया है। जो कार्यकर्ता लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के लिए काम कर रहे थे उनको टिकट नहीं मिला और जो महिला 3 दिन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं उनको टिकट मिल गया। नैनीताल विधानसभा सीट में कार्यकर्ता जमकर विरोध कर रहे हैं।नैनीताल विधानसभा सीट से टिकट की आस लगाई बैठी बीजेपी नेता कमला आर्य ने कहा कि इस बार चुनाव में बीजेपी का कांग्रेस से नहीं बल्कि कांग्रेस का कांग्रेस से आपस में मुकाबला है। 3 दिन पहले कांग्रेस छोड़कर आई प्रत्याशी 2 महीने पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नेता के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं ने सरिता आर्य का विरोध किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी और दिनेश आर्य ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाया है। नैनीताल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की सोच रहे सभी दावेदारों ने जल्द ही बैठक कर अपना नेता चुन भाजपा का दामन छोड़ कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत भी दिए हैं। कुल मिला कर भाजपा के लिए आगामी चुनाव आसान नहीं हैं। दावेदार ज्यादा हैं और सीट कम। ऐसे में घमासान होना तय है।