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बागेश्वर: बागेश्वर में हुई दुखद घटना में एक शिक्षक की मौत हो गई। यहां चुनाव ड्यूटी की ट्रेनिंग लेकर घर लौट रहे शिक्षक की रास्ते में तबीयत बिगड़ गई। हालत बिगड़ते देख सहकर्मी उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लाए, लेकिन तब तक शिक्षक की मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। शिक्षक की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 42 वर्षीय शिक्षक उमेश चंद्र जोशी पुत्र हरीश जोशी शनिवार को बागेश्वर डिग्री कॉलेज में चुनाव प्रशिक्षण लेने आए थे। उनकी चुनाव में ड्यूटी लगने वाली थी। प्रशिक्षण खत्म होने के बाद वह शाम को अपने घर दणों जा रहे थे। आगे पढ़िए
इस बीच रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ में आए अन्य लोग उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले गए, लेकिन अफसोस कि उमेश चंद्र बच नहीं सके। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उमेश चंद्र जोशी के निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर है। वो इन दिनों हरसिग्याबगड़ स्कूल में तैनात थे। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मौत की वजह ब्रेन हैमरेज होना मानी जा रही है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।