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देहरादून: उत्तराखंड का चुनावी रण इन दिनों बेहद रोमांचक हो रखा है। सभी पार्टियों को अपने सबसे मजबूत चेहरे हॉट सीट पर उतार रही हैं। भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने सभी मजबूत चेहरे हॉट सीट पर उतार दिए हैं। ऐसी ही हॉट सीट है डोईवाला। पहले चर्चाएं थीं कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत यहां से चुनाव लड़ेंगे मगर उसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वयं ट्वीट करके यह जानकारी साझा की कि वे डोईवाला से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसी बीच भाजपा ने कल एक बड़ा फैसला लिया और डोईवाला सीट पर भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीप्ति रावत की सीट पक्की कर दी। इस बात को चंद घंटे भी नहीं हुए थे कि भाजपा ने चुटकी बजाते ही कहानी बदल दी और अपने लिए गए फैसले में बड़ा फेरबदल कर दिया। बता दें कि कल खबर आई कि भारतीय जनता पार्टी ने डोईवाला सीट पर भारतीय जनता महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीप्ति रावत की सीट फाइनल कर दी। लेकिन पल भर में पूरी कहानी पलट गई। इस सीट पर पिछले चुनावों में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीत हासिल की थी। इस बार उन्होंने चुनाव ना लड़ने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद डोईवाला विधानसभा सीट के ऊपर कई प्रत्याशी चुनाव लड़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे। कहानी तब बदली जब खबर आई कि पार्टी ने किसी दबाव को मानते से इनकार किया और दीप्ति रावत का टिकट यहां से फाइनल किया था। आगे पढ़िए
इस बात को अभी कुछ घंटे ही हुए थे कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने फैसले में एक बड़ा बदलाव किया है। अब दीप्ति रावत की जगह यह टिकट त्रिवेंद्र समर्थक बृजभूषण गैरोला के नाम तय की गई है। दरअसल कल भाजपा ने अपनी महिला मोर्चा की अध्यक्ष दीप्ति रावत को टिकट देने का फैसला लिया था और सोशल मीडिया में जोरों शोरों से चर्चाएं होने लगी थीं। खबर है कि इसके बाद त्रिवेंद्र रावत समर्थक व अन्य स्थानीय दावेदारों ने भाजपा कार्यालय व देहरादून में भारी विरोध किया। यही नहीं ट्विटर व फेसबुक के जरिये भी केंद्रीय व प्रदेश स्तर तक विरोध की आवाज पहुंचाई। ट्विटर और फेसबुक के जरिए सौरभ थपलियाल समेत अन्य लोगों ने तो बगावत की चेतावनी दे डाली थी। इसके बाद पार्टी ने विचार-विमर्श करके दीप्ति रावत की बजाय त्रिवेंद्र की राय को प्रमुखता देते हुए बृज भूषण गैरोला को डोईवाला से टिकट देने पर सहमति बनाई।