उत्तराखंड मे मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाम संस्कृत यूनिवर्सिटी, चुनाव से ठीक पहले मचा घमासान

भाजपा अब जमकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रही है और अहमद के इस बयान को शर्मनाक बता रहे हैं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी हरीश रावत के ऊपर तीखे तंज कसे हैं
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Uttarakhand Assembly Elections : Muslim University issue heated up before elections in Uttarakhand
Image: Muslim University issue heated up before elections in Uttarakhand

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड वैसे तो देवों की भूमि है मगर यहां पर राजनीति धर्म के नाम पर ही की जाती है। चुनाव में बस अब चंद दिन बाकी है और भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां एक दूसरे के ऊपर तीखे प्रहार करने में लगी हुई हैं। मगर इस समय कांग्रेस ने एक बड़ी गलती करके अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार दी। उत्तराखंड की राजनीति तुष्टिकरण की राजनीति बन गई है। इन दिनों भाजपा कांग्रेस पर जमकर निशाना साध रही है। भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस पहले भी तुष्टिकरण की सियासत करती आई है। बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के एक नेता का एक बड़ा बयान वायरल हो रहा है जिसमें वह उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाए जाने की मांग ही नहीं बल्कि डील पक्की हो जाने का दावा करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर आरोप-प्रत्यारोप की बरसात करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से धर्म के ऊपर राजनीति करते हुई आई है। आगे पढ़िए

हरीश रावत ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि कांग्रेस जो कहेगी अपने घोषणापत्र में कहेगी। अब सवाल यह है कि आखिर यह मुद्दा उछला कैसे। दरअसल सहसपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री अकील अहमद ने चुनाव का टिकट ना मिलने पर बगावत कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया जिसके बाद कांग्रेस ने उनको मनाया तो उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। लेकिन इसी बीच उन्होंने एक बड़ा बयान दिया जिसके बाद पूरी सियासत में तहलका मच गया उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोले जाने की मांग को मान लिया है और इस बारे में उनकी पार्टी में हरीश रावत से बात हो चुकी है। यह बयान आते ही भारतीय जनता पार्टी ने पूरे मामले को सोशल मीडिया पर उछालना शुरू कर दिया और भाजपा ने आरोप लगाए जो लोग देवप्रयाग में संस्कृत विश्वविद्यालय नहीं बनाने देते वह मुस्लिम विश्वविद्यालय की बात कर रहे हैं।

आरोपों के इस सिलसिले के बीच में सीएम धामी ने कांग्रेस पर हमेशा से अल्पसंख्यकों को लुभाने की राजनीति करने का आरोप भी लगाए हैं। वहीं इस पूरे मामले पर हरीश रावत ने यह साफ तौर पर कहा है कि जब हमने संस्कृत यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही तब उसने कुछ नहीं कहा और मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी अपना पक्ष रखेगी। अभी तक इस पर कुछ भी फाइनल नहीं हो पाया है। इसी बीच अहमद की तरफ से एक और बड़ा बयान मीडिया में आया जब उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अगर 18% मुसलमानों की आबादी है तो यहां पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी आखिर क्यों नहीं हो सकती। तो वहीं कांग्रेस प्रदेश महासचिव मथुरा दत्त जोशी ने साफ किया है कि कांग्रेस ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है और भारतीय जनता पार्टी बेवजह इसको मुद्दा बना रही है।