बर्फबारी के दौरान मतदान में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए चुनाव आयोग ने खास तैयारियां की हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Voting will not stop amid snowfall in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश-बर्फबारी से चुनाव प्रक्रिया में खलल पड़ रहा है। बर्फबारी के चलते बीते दिन 15 पोलिंग पार्टियां जगह-जगह फंस गईं। ऐसे में सब के मन में ये सवाल उठना लाजिमी है कि भारी बर्फबारी के चलते मतदान में कोई रुकावट तो नहीं आएगी। उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने इस सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जो बूथ तय किए जा चुके हैं, वहीं मतदान होगा। इसमें बर्फबारी की वजह से कोई बदलाव नहीं होगा। बर्फबारी के बीच मतदान को समय से कराने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। मतदान में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए चुनाव आयोग ने खास तैयारियां की हैं। जिसमें एयर एंबुलेंस से लेकर जेसीबी तक का प्लान बनाया गया है। दरअसल पहाड़ के कई जिलों में फरवरी-मार्च में भी खूब बर्फबारी होती है, ऐसे में मतदान कराना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। ये बात और है कि चुनाव आयोग ने खराब मौसम में मतदान कराने की पूरी तैयारियां की हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कहा कि अभी तक पोलिंग पार्टियां, मतदान से 24 घंटे पहले रवाना की जाती थीं, लेकिन उन्होंने चुनाव आयोग से 72 घंटे पहले उन्हें पोलिंग बूथों तक पहुंचाने की अनुमति ली है। इस तरह बर्फबारी वाले पोलिंग बूथों के लिए पोलिंग पार्टियां 3 दिन पहले ही रवाना कर दी जाएंगी। जहां ज्यादा बर्फबारी की आशंका है, वहां पोलिंग पार्टियों को सुगमता से पहुंचाने के लिए जेसीबी, कटर, पीडब्ल्यूडी की टीम, एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी। जहां ज्यादा विकट हालात होंगे, वहां पोलिंग पार्टियों को जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस से भेजा जाएगा। बता दें कि खराब मौसम के चलते प्रत्याशियों के साथ-साथ पोलिंग पार्टियों को भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना के चलते चुनावी रैली और रोड शो पर पहले ही रोक लगी है और अब खराब मौसम ने भी चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। बारिश और बर्फबारी से कई जगह चुनाव प्रचार थम गया है।