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देहरादून: चुनाव की बिसात पर मोहरे सज गए हैं। सत्ता का फाइनल बस करीब ही है। चुनाव आते हैं तो राजनैतिक शुचिता की बात होने लगती है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी दागियों को टिकट देने में बड़े दल सबसे आगे रहे हैं। एडीआर की रिपोर्ट में राजनीतिक दलों के दागी उम्मीदवारों का ब्योरा भी शामिल किया गया है। इसके अनुसार वर्तमान चुनाव में जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा दागियों को टिकट बांटे हैं, उनमें कांग्रेस टॉप पर है। कांग्रेस के 33 प्रतिशत उम्मीदवारों पर मुकदमे दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी है। राज्य में पहली बार चुनाव मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने ऐसे 22 फीसदी नेताओं को टिकट दिया है, जिन पर पहले से केस दर्ज हैं। साफ-सुथरी पार्टी होने का दंभ भरने वाली बीजेपी ने भी कई दागियों पर दांव लगाया है। वर्तमान चुनाव में बीजेपी ने जिन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, उनमें 19 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं। जिन पर सामान्य और गंभीर प्रकृति के मुकदमे चल रहे हैं।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक बसपा के 19 प्रतिशत और यूकेडी के 17 प्रतिशत उम्मीदवारों पर भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। कांग्रेस ने 23 दागी प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इनमें से 12 पर सामान्य और 11 पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बीजेपी के 13 प्रत्याशियों पर भी पुलिस केस दर्ज है। पांच पर सामान्य और 8 पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। आम आदमी पार्टी के 15 प्रत्याशियों पर भी पुलिस केस चल रहे हैं। इनमें छह पर सामान्य और 09 पर गंभीर मामलों में केस दर्ज है। बसपा ने 54 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। जिनमें 10 पर पुलिस केस हैं। यूकेडी के 07 उम्मीदवारों के खिलाफ भी थानों में शिकायतें दर्ज हैं। वर्ष 2017 के चुनाव से तुलना करें तो पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में आपराधिक मामलों में फंसे उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि हुई है। चुनाव जीतने के लिए राजनैतिक दल हर हथकंडा अपना रहे हैं। यही वजह है कि सत्ता पाने के लिए दलों ने दागियों को टिकट बांटने से भी परहेज नहीं किया।