उत्तराखंड में अब ऑलवेदर रोड के लिए एक भी पेड़ नहीं कटेगा, 6 जगह बनेंगे रोप-वे

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय उत्तराखंड समेत देश में ऐसी सरपट सड़कें बना रहा है कि लोग विमान के बजाय सड़कों से आना पसंद करेंगे।
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Uttarakhand All Weather Road: Not a single tree will be cut for all weather road in Uttarakhand
Image: Not a single tree will be cut for all weather road in Uttarakhand

देहरादून: चारधाम यात्रा को रफ्तार देने वाली ऑल वेदर रोड परियोजना का काम इसी साल पूरा होगा। साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अब रोड निर्माण के दौरान एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। ये बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विकास मंत्री नितिन गडकरी ने बीजेपी का दृष्टि पत्र जारी करने के दौरान कही। दृष्टि पत्र जारी करते वक्त उन्होंने सत्ता में आने के बाद प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित योजनाएं गिनाईं, साथ ही केंद्रीय योजनाओं के जरिए विकास को गति देने की भी बात कही। पर्यावरण संबंधी चिंताओं का समाधान करते हुए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना उत्तराखंड की लाइफ लाइन साबित होगी। इस परियोजना के तहत अब पेड़ ट्रांसप्लांट कर काम किया जाएगा। जिसमें युवाओं और पूर्व सैनिकों की मदद ली जाएगी। ऑलवेदर रोड बनने से चारधाम यात्रा सुगम होगी, चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान बनेगी। राज्य में सात स्थानों पर रोपेव भी बनाए जा रहे हैं। केदारनाथ, हेमकुंड के अलावा ऋषिकेश से नीलकंठ, औली से गौरसौं, नैनीताल में रानीबाग और पिथौरागढ़ में भी तीन रोपवे परियोजना के निर्माण को शुरू कराया जाएगा। भारत माला परियोजना के तहत टनकपुर से पिथौरागढ़ और पिथौरागढ़ से लिपुलेख तक सड़क बनाई जा रही है। आगे पढ़िए

जिससे कैलाश मानसरोवर की यात्रा आसान बनेगी। गडकरी ने कहा कि परिवहन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। टिहरी में सी प्लेन सेवा शुरू करने की तैयारी है। बड़ी संख्या में एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले वक्त में दिल्ली से दून की दूरी दो घंटे में पूरी होगी। सड़क परिवहन मंत्रालय उत्तराखंड समेत देश में ऐसी सरपट सड़कें बना रहा है कि लोग विमान के बजाय सड़कों से आना पसंद करेंगे। जब दिल्ली से देहरादून का सफर दो घंटे में तय होगा, तो फिर लोग विमान से यात्रा क्यों करेंगे। गडकरी ने कहा कि देश में विकास परियोजनाओं के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है, बल्कि दृष्टि की कमी है। उन्होंने कहा कि नेत्र दान तो किया जा सकता है लेकिन दृष्टि का दान संभव नहीं है। बता दें कि बीजेपी ने अपने दृष्टि पत्र में किसानों, सैनिकों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। पार्टी ने प्रदेश में दोबारा सत्ता वापसी होने पर सड़क से लेकर हवाओं तक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के वादे किए हैं। इनमें सड़कों के लिए एक्सप्रेस-वे पर जोर दिया गया है, साथ ही पहाड़ के मुश्किल हालात में रोपवे के लिए पर्वतमाला परियोजना की बात कही गई है.