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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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रुद्रप्रयाग: वोटिंग खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें जनादेश पर टिकी हैं। मतदाताओं की खामोशी ने राजनैतिक दलों की उलझन बढ़ा दी है। बात करें रुद्रप्रयाग की केदारनाथ विधानसभा सीट की तो यहां तीनों रावतों में कांटे का मुकाबला दिख रहा है। वर्तमान में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत विधायक हैं। बीजेपी ने उनके मुकाबले पूर्व विधायक शैलारानी रावत को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी से जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन्त तिवारी, बसपा से श्यामलाल चंद्रवाल, कम्युनिस्ट पार्टी से राजा राम सेमवाल, उक्रांद से गजपाल सिंह रावत, सपा से बद्रीश, पीपुल्स पार्टी से मनोज तिनसोला, निर्दलीय कुलदीप रावत, देवेश नौटियाल, कुलदीप सिंह, रेखा देवी, सूरज सिंह मैदान में हैं। इस सीट पर लगभग 32 हजार महिलाओं ने वोट दिया है, जो पुरुषों से 5 हजार अधिक हैं। इसलिए केदारनाथ में कौन जीतेगा, इसका फैसला महिलाएं ही करेंगी। क्षेत्र में मोदी फैक्टर काफी प्रभावी रहा है और अधिकांश महिलाओं ने मोदी के नाम पर ही वोट किया है। ऐसा हुआ तो शैलारानी रावत के जीतने के अवसर बढ़ जाएंगे। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत की बात करें तो उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं से संवादहीनता का नुकसान झेलना पड़ सकता है। कुल मिलाकर वे अपने पिछले चुनाव के आंकड़ों के साथ ही दिख रहे हैं। निर्दलीय कुलदीप रावत ने इस बार कई जगह बढ़त बनाई तो कई जगहों पर वे पिछड़ गये। उन्हें आप के सुमन्त एवं निर्दलीय देवेश नौटियाल ने भी नुकसान पहुंचाया है। भाजपा-कांग्रेस पार्टी समेत रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट पर 12 एवं केदारनाथ विधानसभा सीट पर 13 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है। दोनों विधान सभाओं में 1,19,832 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केदारनाथ में तीनों रावतों के बीच कड़ा मुकाबला है। यहां जीत का अंतर एक हजार से 15 सौ के आस पास रहने के आसार नजर आ रहे हैं।