छात्रों ने अपने परिजनों को बताया कि यूक्रेन के शहरों में हालात और कठिन होते जा रहे हैं। रात-दिन धमाकों की आवाज आ रही है।
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कोमल नेगी
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Image: Students of Chamoli Agastyamuni and Ukhimath stranded in Ukraine
रुद्रप्रयाग: यूक्रेन में जारी जंग के चलते उत्तराखंड के कई छात्र वहां विभिन्न शहरों में फंस गए हैं। जंग के बीच वहां फंसे छात्रों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। खाने-पीने का सामान तक नहीं है, बंकर में छिपकर रहना पड़ रहा है। हरिद्वार, देहरादून, चमोली और रुद्रप्रयाग समेत अलग-अलग जिलों के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इनमें चमोली के दशोली ब्लॉक में रहने वाली योगिता भी शामिल हैं। मजोठी गांव की रहने वाली योगिता मेडिकल क्षेत्र में एमडी की पढ़ाई कर रही है और उसका फोर्थ ईयर है। वो कीव शहर के कॉलेज में पढ़ती हैं। योगिता के परिजन परेशान हैं, हालांकि योगिता ने उन्हें फोन कर बताया कि वह जिस स्थान पर है, वहां सुरक्षित हैं। रुड़की के एडवोकेट शराफत अली गोड के बेटे मोहम्मद अहमद गोड भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। मोहम्मद अहमद ने यूक्रेन से एक वीडियो भेजा है, जिसमें उन्होंने युद्ध के बाद मची तबाही का मंजर दिखाया। उन्होंने बताया कि यहां पर पढ़ाई कर रहे छात्र बहुत ही परेशान हैं और डरे-सहमे हैं। रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के एक छात्र-छात्रा और ऊखीमठ ब्लॉक के दो छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिल रही है। ये सभी वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। आगे पढ़िए
अगस्त्यमुनि सीएचसी में तैनात फॉर्मासिस्ट डीएल मिंगवाल के पुत्र अंकित चंद्रा एवं फलई गांव के पूर्व प्रधान विजय भट्ट की पुत्री अवंतिका भट्ट यूक्रेन की राजधानी कीव में पढ़ाई कर रहे हैं। जब से वहां के हालात बेकाबू हुए हैं, छात्रों के परिजन काफी परेशान हैं। छात्रों ने अपने परिजनों को बताया कि यूक्रेन के शहरों में हालात और कठिन होते जा रहे हैं। रात-दिन धमाकों की आवाज आ रही है। एटीएम और जनरल स्टोरों में भारी भीड़ लग रही है। उन्हें अपने हॉस्टल में रहने को कहा गया है। सायरन बजते ही बेसमेंट में जाने को कहा गया है। जहां नेटवर्क की समस्या हो रही है। टिहरी के 5 छात्रों के भी यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिल रही है। इनमें सौम्या राणा निवासी बौराड़ी, सिद्धि तोपवाल निवासी ग्राम नवागर, मनीष राणा निवासी बौराड़ी, पारस और आदित्य कंडारी शामिल हैं। यूक्रेन में अभी उत्तराखंड के करीब 30 से 40 छात्र फंसे हैं। इसमें देहरादून सहित रुड़की, रुद्रपुर, चमोली, उत्तरकाशी के कई छात्र हैं, जो कि यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इन सब छात्रों को वेस्टर्न यूक्रेन की ओर सुरक्षित शिफ्ट होने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय दूतावास इन छात्रों के लगातार संपर्क में है.