उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के 226 से ज्यादा छात्र यूक्रेन में फंसे हैं, इनकी वापसी की कोशिशें लगातार जारी हैं।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: 3 students of Uttarakhand stranded in Ukraine returned home
देहरादून: यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के लिए सभी परेशान हैं। युद्ध की तस्वीरें परिजनों की टेंशन बढ़ा रही हैं। हालांकि भारत सरकार के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार का छात्रों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास जारी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत सरकार के तमाम प्रयासों से भारतीय छात्र सकुशल वापस आ रहे हैं। उत्तराखंड के तीन छात्र भी वापस लौट आए हैं। उत्तराखंड के तीन छात्रों आशुतोष पाल, अदनान व खुशी सिंह का नई दिल्ली में उत्तराखंड के अपर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा ने स्वागत किया। इस अवसर पर छात्रों के अभिभावक और राज्य के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। श्रीनगर की रहने वाली छात्रा आकांक्षा भी सकुशल स्वदेश लौट आई हैं। देर रात यूक्रेन से 240 भारतीय छात्र मुंबई पहुंचे हैं। इनमें श्रीनगर गढ़वाल की आकांक्षा कुमारी भी शामिल हैं। यूक्रेन में रह रहे काशीपुर के भाई-बहन भी अलग-अलग स्थानों से सफर करते हुए ल्विव पहुंच गए हैं। उन्हें भी रोमानिया बॉर्डर से भारत लाया जाएगा।
काशीपुर के रहने वाले अहमद शम्स और उनकी बहन मरियम अंसारी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में काशीपुर के 4 छात्र छात्राओं समेत पांच लोग फंसे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शनिवार शाम तक उत्तराखंड शासन ने 226 उत्तराखंड के नागरिकों की सूची विदेश मंत्रालय को भेजी है। छात्रों को सुरक्षित लाने का प्रयास जारी है। बता दें कि उत्तराखंड से भेजी गई पहली लिस्ट में 86 नागरिकों की सूचना थी, उसके बाद यह बढ़कर 154 हुई और अभी तक आंकड़ा 226 पहुंच गया है। उत्तराखंड के देहरादून के 55, हरिद्वार के 41, टिहरी के 17, पौड़ी के 21, चमोली के 4, उत्तरकाशी के 7, रुद्रप्रयाग के 5, नैनीताल के 24, ऊधमसिंहनगर के 38, अल्मोड़ा के 1, चम्पावत के 5, पिथौरागढ़ के 3 और अन्य पांच नागरिक यूक्रेन में फंसे हैं। यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे छात्र-छात्राएं रोमानिया और पोलैंड के बॉर्डर पर पहुंच कर स्वदेश लौटने का प्रयास कर रहे हैं।