अल्मोड़ा: यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र वापस लौटने के लिए तड़प रहे हैं। कोई बॉर्डर तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटा है, तो वहीं कई डर के साए में बंकर में दिन गुजार रहे हैं। यूक्रेन से लगातार डराने वाली खबरें आ रही हैं। वहां फंसे छात्र वीडियो के जरिए आपबीती बयां कर रहे हैं।
अल्मोड़ा की लिपिका चौहान ने भी माता-पिता को वीडियो और ऑडियो मैसेज कर यूक्रेन के हालात बताए, जो कि सचमुच भयावह हैं। लिपिका ने बताया कि यूक्रेन में खाने की किल्लत हो गई है। पुलिस भी अच्छा व्यवहार नहीं कर रही। ठंड में परेशानी और बढ़ गई है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों ने भारत सरकार पर भी हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाया है। रविवार को लिपिका ने अपने पिता मदन सिंह चौहान निवासी खत्याड़ी से फोन पर बात की। उसने बताया कि यूक्रेन में रह रहे भारतीय छात्र-छात्राएं डरे सहमे हुए हैं। हम लोग बंकर में ही छुप कर बैठे हैं। बीते दिन कुछ छात्र-छात्राएं पोलैंड देश की सीमा की और कार से भागे, लेकिन रास्ते में ही उन्हें रोक दिया गया। पुलिस ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। लिपिका ने एक वीडियो भी शेयर किया है। जिसमें भारतीय छात्र सरकार और अधिकारियों से मदद मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि वह माइनस 5 डिग्री सेल्सियस में खुली छत के नीचे हैं। यहां उनको कोई पूछ नहीं रहा। पुलिस उनके साथ मारपीट कर रही है। लिपिका ने कहा कि अगर भारत सरकार कुछ नहीं करती तो हालात और भी खराब हो सकते हैं। उधर, बेटी की हालत देख पिता मदन सिंह चौहान बेहद चिंतित हैं। उन्होंने भारत सरकार से सभी छात्रों को जल्द से जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है।