जिन लोगों के नाम CM of Uttarakhand पद के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे हैं। उनमें कैबिनेट मंत्री Dhan Singh Rawat और Satpal Maharaj का नाम टॉप पर है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Dhan Singh Rawat Satpal Maharaj can become the CM of Uttarakhand
देहरादून: विधानसभा चुनाव-2022 में मतदाताओं ने एक बार फिर बीजेपी को समर्थन दिया, लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे को जनता ने नकार दिया। खटीमा विधानसभा सीट से सीएम पुष्कर सिंह धामी की हार हुई है। ऐसे में अब उत्तराखंड की कमान किसे सौंपी जाए, इस पर बीजेपी हाईकमान में लगातार मंथन चल रहा है। पुष्कर सिंह धामी के चुनाव हारने के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में सीएम फेस को लेकर अटकलें भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा था कि बीजेपी हाईकमान शायद पुष्कर सिंह धामी को एक और मौका देगा, उन्हें किसी और सीट से चुनाव लड़वाया जा सकता है, लेकिन अब जैसी खबरें निकल कर सामने आ रही हैं। उसके अनुसार बीजेपी सीटिंग विधायक में से ही किसी को मुख्यमंत्री बनाएगी। जिन लोगों के नाम मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे हैं। उनमें कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और सतपाल महाराज का नाम टॉप पर है। इन दोनों ही नेताओं का केंद्र और संघ के नेताओं संग अच्छा तालमेल है।
धन सिंह रावत उत्तराखंड में उच्च शिक्षा मंत्री रहे हैं। प्रदेश में कई बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही इस बार भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। वहीं सतपाल महाराज चौबट्टाखाल क्षेत्र से दोबारा विधायक चुने गए। वो पहले भी कई बार सीएम पद के दावेदारों में शामिल रहे, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से मामला टल गया। इस बार माना जा रहा है कि बीजेपी हाईकमान की कृपादृष्टि उन पर हो सकती है। प्रदेश का नया सीएम कौन होगा, ये जल्द ही पता चल जाएगा। बता दें आज से पांच महीने पहले बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद से हटाकर पुष्कर सिंह धामी को सीएम बनाया था। तब बीजेपी आलाकमान ने कई बैठकों के दौर के बाद दिग्गज नेताओं में सामंजस्य बिठाने की कोशिश करते हुए 45 वर्षीय पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री पद सौंपा था। पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वो खटीमा सीट से दो बार चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इस बार पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट बचाने में विफल साबित हुए।