इन्हीं चेहरों में से कोई एक बन सकता है new CM in Uttarakhand , भाजपा में मची हलचल..पढ़िए पूरी खबर
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: These names are included in the race for the new CM in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में कल बड़ा दिन साबित हुआ। बीजेपी 47 सीटों पर प्रचंड बहुमत के साथ एक बार फिर से बहुमत में वापस आ गई है।
Pushkar Singh Dhami
मगर उत्तराखंड के सीएम फेस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा से चुनाव हार गए हैं। इसके बाद अब उत्तराखंड में नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा।अब नया मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा यह तो समय ही बताएगा मगर भाजपा नेताओं की मानें तो किसी विधायक को ही मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में सबसे आगे जो नाम चल रहे हैं उनमें सबसे पहला नाम है प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का जिनको काफी अनुभव है और सरकार का अनुभव भी पिछले 5 सालों में वे बखूबी ले चुके हैं।
Dhan Singh Rawat
धन सिंह रावत पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के काफी करीबी माने जाते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के करीबी होने का फायदा भी धन सिंह रावत को मिल सकता है। इसी के साथ संघ के करीब होने का फायदा भी उनको मिल सकता है।
मुख्यमंत्री की दौड़ में दूसरा सबसे बड़ा नाम हैं सतपाल महाराज जिनको भाजपा मुख्यमंत्री बना सकती है।
Satpal Maharaj
सतपाल महाराज कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और उसके बाद से ही उन्होंने पार्टी के लिए खूब काम किया। पिछले 5 साल के कार्यकाल में तीन बार मुख्यमंत्री बदलने के दौरान सतपाल महाराज के नाम पर चर्चाएं तो खूब हुईं मगर उनको कुर्सी न मिल सकी। सतपाल महाराज के लिए सबसे बड़ा फायदा है उनके संघ प्रमुख मोहन भागवत से करीबी और उसी करीबी के चलते उन को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। मोहन भागवत कई बार सतपाल महाराज के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बात कर चुके हैं।
Ramesh Pokhriyal
अगर विधायकों में से किसी को सीएम नहीं बनाया जाता है तो फिर ऐसे में पार्टी अनुभवी पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक पर भी अपना दांव खेल सकती है। जी हां, डॉ रमेश पोखरियाल निशंक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के काफी करीबी हैं ऐसे में उनके नाम पर भी मुहर लगाई जा सकती है। कुल मिलाकर इन्हीं चुनिंदा नामों में से कोई एक नाम उत्तराखंड की बागडोर संभाल सकता है।