उत्तराखंड के फकीर राम: कभी करते थे कारपेंटर का काम, अब विधायक बनकर रचा इतिहास

फकीर राम टम्टा वही प्रत्याशी हैं जिन्हें टिकट देने के लिए बीजेपी ने सीटिंग विधायक मीना गंगोला का टिकट काट दिया था।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Fakir Ram Tamta mla gangolihaat: Story of Fakir Ram Tamta BJP MLA from Gangolihat seat
Image: Story of Fakir Ram Tamta BJP MLA from Gangolihat seat

पिथौरागढ़: चुनाव परिणाम आने के बाद तमाम राजनीतिक दल हार-जीत के गुणा भाग में जुटे हैं। इस बीच कई नए विधायकों की जीत चर्चा का विषय बनी हुई है। कारपेंटर से विधायक बनकर सदन पहुंचे फकीर राम टम्टा की भी खूब चर्चा हो रही है। फकीर राम टम्टा ने पिथौरागढ़ की गंगोलीहाट सीट से जीत दर्ज कराई।

Story of Fakir Ram Tamta BJP MLA

फकीर राम टम्टा वही प्रत्याशी हैं, जिन्हें टिकट देने के लिए बीजेपी ने सीटिंग विधायक मीना गंगोला का टिकट काट दिया था, और ये फैसला सही साबित हुआ। गंगोलीहाट सीट पर बीजेपी प्रत्याशी फकीर राम टम्टा ने 9,538 वोट से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी खजान चंद्र गुड्डू को हराया है। चौडमन्या कस्बे नगौर गांव निवासी फकीर राम टम्टा का शुरुआती दौर बेहद मुश्किलभरा रहा। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते वो कारपेंटर का काम करने लगे। इस बीच वो बीजेपी से जुड़ गए। साल 2008 में वो जिला पंचायत सदस्य बने।

फकीर राम टम्टा ने साल 2012 और 2017 में भी गंगोलीहाट विधानसभा सीट से विधायक के लिए दावेदारी की थी, लेकिन अंतिम चरण में टिकट कट गया। इसके बाद भी वो संगठन के लिए लगातार काम करते रहे। इस दौरान सैकड़ों लोगों के वर्षों से लम्बित पेंशन प्रकरणों को सुलझाया और पेंशन दिलाई। कोविड काल में लोगों की सेवा की। घर-घर जाकर राशन पहुंचाया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन और स्थानीय संगठन में अच्छी पकड़ बनाई और फिर 2022 के चुनाव में दावेदारी की। इस बार पार्टी ने सीटिंग महिला विधायक मीना गंगोला का टिकट काटकर फकीर राम टम्टा पर भरोसा जताया, और फकीर राम ने इस भरोसे को टूटने नहीं दिया। फकीर राम टम्टा को अपने सीधे-सरल स्वभाव और जनता में पकड़ के कारण जीत मिली। फकीर राम टम्टा को बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का बहुत करीबी माना जाता है। उनकी जीत से क्षेत्र में जश्न का माहौल है।