कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत सिंह ने हरीश रावत पर टिकट बेचने के आरोप लगाए थे। harish rawat अब politics से retirement ले सकते हैं
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कोमल नेगी
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Image: Harish Rawat may retire from politics
देहरादून: प्रदेश में बीजेपी सरकार का भव्य राजतिलक समारोह संपन्न हुआ तो वहीं चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में घमासान मचा है। इस बार भी हार का ठीकरा पूर्व सीएम हरीश रावत के सिर फूटा। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत सिंह ने उन पर टिकट बेचने के आरोप तक लगाए।
Harish Rawat may retire from politics
वैसे तो हरीश रावत हर चुनौती से पार पाना खूब जानते हैं, लेकिन हाल में उन्होंने जो बयान दिया है, उसे देख लगता है कि हरदा ने हथियार डाल दिए हैं। हरीश रावत के बयान से उनके चुनावी राजनीति को अलविदा कहने के संकेत भी मिले हैं। हरीश रावत ने हालिया बयान में कहा कि ‘बहुत चुनाव लड़ लिए। 55 साल से मैं ही तो हूं। अब मेरे बाकी साथियों की बांहे भी फड़फड़ा रहीं है। मेरे चुनाव लड़ते ही बहुत सारे छिपे, दबे-दुबके पशु-पक्षी-कीट-जीव सब बाहर निकल आते हैं। और मुझे भभोड़ने लगते हैं।
क्या हरीश रावत ने हथियार डाल दिए हैं? इस सवाल के जवाब में थोड़ा ठिठक कर रावत बोले कि वैसे तो यह मेरे स्वभाव के विपरीत है। लेकिन सत्य तो सत्य ही है। हरीश रावत ने चुनाव में पार्टी की हार के कारण भी गिनाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी लोकप्रियता को वोट में नहीं बदल पाई। वर्तमान चुनाव का नतीजा चाहे जो रहा हो, लेकिन साल 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए अच्छा रहने वाला है। हरीश रावत ने पुष्कर सिंह धामी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले को भी ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि धामी से उम्मीद है कि वो अच्छा काम करेंगे। ये पांच साल उत्तराखंड के आगामी 75 साल को तय करने वाले होंगे। बहरहाल हरीश रावत ने चुनावी राजनीति को अलविदा कहने के संकेत दे दिए हैं। उनके इस कदम को विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस की करारी हार से जोड़ा जा रहा है।