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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में जंगली जानवर दहशत का सबब बने हुए हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने भी वन्यजीवों के हमले की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई थी। एक बैठक में वन अधिकारियों को वन्यजीवों की आबादी वाले इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा था।
इस बैठक के अगले ही दिन पौड़ी में भालू के हमले की घटना हुई है। यहां थलीसैंण के एक गांव में पोते और भतीजी के साथ मायके से घर लौट रही महिला पर भालू ने हमला कर दिया। इस दौरान बचाव में भतीजी ने भालू पर दरांति से वार किया। युवती के साहस को देख भालू को भी उल्टे पैर लौटना पड़ा। भालू के हमले में महिला और युवती जख्मी हुए हैं। घटना के वक्त दोनों महिलाओं के साथ 1 साल का मासूम भी था, जो कि पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं, जख्मी महिलाओं का श्रीनगर बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के मुताबिक दैड़ा गांव निवासी 42 वर्षीय हीरा देवी पत्नी हयात सिंह अपने 1 वर्षीय पोते और 20 वर्षीय भतीजी रेखा के साथ अपने मायके मातोली गांव से घर लौट रही थी। तभी रास्ते में भालू ने उन पर हमला कर दिया। रेखा ने हिम्मत दिखाई और ताई को बचाने के लिए दरांती लेकर भालू पर टूट पड़ी। शोर मचाने पर भालू भाग खड़ा हुआ। हमले में हीरा देवी का पोता सुरक्षित रहा, लेकिन उन्हें और रेखा को गंभीर चोट लगी है। ग्रामीणों ने उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूंगीधार में भर्ती कराया। जहां से उन्हें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया। भालू के हमले के बाद ग्रामीण काफी दहशत में हैं। उन्होंने वन विभाग से मामले का संज्ञान लेकर क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की।