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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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रुड़की: उत्तराखंड का चंपावत जिला पिछले दिनों खूब सुर्खियों में रहा था। यहां एक सरकारी स्कूल के छात्रों ने दलित भोजनमाता के हाथ से बना खाना खाने से इनकार कर दिया था। अब दलितों संग बदसलूकी का ऐसा ही एक मामला हरिद्वार के रुड़की में सामने आया है।
यहां एक पूर्व प्रधान पर दलित बस्ती की बिजली बंद कराने का आरोप लगा है। बताया जाता है कि दलित बस्ती के लोगों ने विधानसभा चुनाव में पूर्व प्रधान के पसंदीदा कैंडीडेट को वोट नहीं दिया। जिस पर पूर्व प्रधान ने बस्ती की बिजली बंद करा दी। इतना ही नहीं ग्रामीण जब मामले की शिकायत करने पहुंचे तो पूर्व प्रधान और बेटों ने उनकी पिटाई कर दी। ग्रामीणों को जातिसूचक शब्द भी कहे। मामला भंगेड़ी गांव का है। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात उनकी बस्ती की लाइट गुल हो गई। पता चला कि पूर्व प्रधान ने बस्ती की बिजली बंद की है। ग्रामीणों ने इस बारे में पूर्व प्रधान से पूछा तो उसका कहना था कि जब उसके कहने पर उन्होंने वोट नहीं दिया तो उसने बिजली बंद करा दी। ये सुनकर ग्रामीणों ने विरोध किया। आरोप है कि इस पर पूर्व ग्राम प्रधान और उसके बेटों ने ग्रामीणों की पिटाई कर दी। हमले में अंकुर नाम का एक युवक घायल हो गया। गुरुवार को घटना के विरोध में ग्रामीण कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचे। वहां विरोध-प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस को पूर्व प्रधान और उसके बेटों के खिलाफ शिकायत दी है। उन पर जातिसूचक शब्द कहने और पिटाई करने के आरोप में केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।