किसी को बेटे की पढ़ाई करानी थी, तो किसी को बिटिया की शादी, लेकिन सुनहरे भविष्य के लिए रखी गई ये रकम एक पोस्टमैन डकार गया।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Embezzlement charges against postman in Bageshwar Garad post office
बागेश्वर: ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी रुपया-पैसा जमा करने के लिए डाकघरों पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।
Bageshwar Garad post office Embezzlement by postman
बागेश्वर के गैराड़ क्षेत्र के लोग भी पिछले कई सालों से एक डाकघर में पैसा जमा कर रहे थे। मेहनत-मजदूरी करके, आधा पेट खाकर लोगों ने थोड़े रुपये बचाए थे। किसी को बेटे की पढ़ाई करानी थी, तो किसी को बिटिया की शादी, लेकिन सुनहरे भविष्य के लिए रखी गई ये रकम एक पोस्टमैन डकार गया। ग्रामीणों ने जो पैसा जमा कराया, उसकी एंट्री पासबुक में तो चढ़ी थी, लेकिन कोई भी जमा राशि पोस्ट ऑफिस के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। गबन की राशि करीब 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है। फिलहाल डाक विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला बागेश्वर स्थित गैराड़ ब्रांच डाकघर का है, जहां गबन का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने जो रकम अपने अच्छे-बुरे वक्त के लिए बचाकर रखी थी, उसे पोस्टमैन ने अपने ठेकेदारी के काम पर लगा दिया।
अपनी जमापूंजी गंवा चुके उपभोक्ता अब बेहद परेशान हैं। अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी गई छोटी सी चीज भी खोती है तो हमें बहुत दुख होता है, ऐसे में जरा उन लोगों की हालत के बारे में सोचिए जिन्होंने मेहनत-मजदूरी कर के पाई-पाई जोड़ी थी, लेकिन अब उनके हाथ खाली हैं। पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में बैंक थोड़ा दूर होते हैं। ग्रामीणों का यहां तक पहुंचना थोड़ा खर्चीला और समय की बर्बादी भरा होता है। ऐसे में गांव वालों को गांव के ब्रांच पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करना सुविधाजनक और आसान लगता है, लेकिन इस जमाने में किसकी नीयत कब बिगड़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। अब पोस्ट ऑफिस में रखी गई रकम भी सुरक्षित नहीं रह गई है। बहरहाल डाक विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि गबन की राशि 25 से 30 लाख रुपये हो सकती है। मामले की जांच जारी है।