देहरादून में घर खरीदने वालों को राहत, अब घर बैठे एक क्लिक पर बनेगी दाखिल खारिज

नई व्यवस्था से लोगों को कई फायदे होंगे। दाखिल खारिज की प्रगति रिपोर्ट, निर्णय, आपत्ति आदि की जानकारी के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
Advertisement चारधाम यात्रा 2026 पैकेज बुकिंग शुरू! ये ऑफर मिस किया तो पछताओगे

चारधाम यात्रा 2026 का सबसे सस्ता पैकेज? कीमत जानकर चौंक जाएंगे!

Example Ads Media
dehradun online dakhil khaarij: Online daakhil khaarij will be made in Dehradun
Image: Online daakhil khaarij will be made in Dehradun

देहरादून: देहरादून के लोगों की एक बड़ी समस्या हल होने वाली है।

Online daakhil khaarij will be made in Dehradun

अब जमीन के दाखिल खारिज के लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दाखिल खारिज से जुड़ी सेवा ऑनलाइन होने जा रही है, यानि जमीन खरीदने के बाद घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करो और ऑनलाइन ही आपको दाखिल खारिज (म्यूटेशन) घर बैठे मिल जाएगा। देहरादून नगर निगम दाखिल खारिज की ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने जा रहा है। नई व्यवस्था से लोगों को कई फायदे होंगे। जनता घर बैठे आवेदन कर सकेगी। साथ ही दाखिल खारिज के मामले अब 90 दिन के बजाय 60 दिन में निस्तारित होंगे। जनता को दाखिल खारिज की प्रगति रिपोर्ट, निर्णय, आपत्ति आदि की जानकारी के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक क्लिक पर पूरा रिकार्ड घर बैठे ही कंप्यूटर पर देखा जा सकेगा। मौजूदा समय में दाखिल खारिज से जुड़े मामलों का निस्तारण ऑफलाइन व्यवस्था के तहत होता है। तारीख का पता न चलने के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नई व्यवस्था लागू होने पर प्रगति व कार्रवाई के साथ ही सुनवाई का आदेश या तय की गई अगली तारीख की जानकारी व्यक्ति को आसानी से मिल सकेगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की बात भी कही जा रही है। नई व्यवस्था में समयसीमा तय होगी, जिससे अधिकारियों को निर्णय समय पर देना होगा। बता दें कि दून शहर में इस समय नगर निगम में दाखिल खारिज के तकरीबन 1200 मामले लंबित हैं। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर आयुक्त मनुज गोयल ने दाखिल खारिज से संबंधित आवेदन व आपत्ति, उनकी जांच प्रगति व फैसलों को ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त का कहना है कि दाखिल खारिज से जुड़ी सेवा ऑनलाइन होने के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारी व जवाबदेही तय होगी।अगर कोई अधिकारी तय समय पर कार्रवाई नहीं करेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे। देहरादून प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जहां दाखिल खारिज की व्यवस्था ऑनलाइन होने जा रही है।