उत्तराखंड से दुखद खबर: जंगल की आग बुझाते वक्त गहरी खाई में गिरा वनकर्मी..हालत नाजुक

जंगल की आग बुझाने के दौरान वनकर्मियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जान हर वक्त दांव पर लगी रहती है।
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tehri van karmi satendra singh: Forest worker Satendra Panwar fell into a deep gorge in Tehri Garhwal
Image: Forest worker Satendra Panwar fell into a deep gorge in Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड के जंगल फिर धधकने लगे हैं। जंगल की आग बुझाने के दौरान वनकर्मियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जान हर वक्त दांव पर लगी रहती है। कब, कहां हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।

Forest worker fell into a deep gorge in Tehri Garhwal

अब टिहरी में ही देख लें। यहां जंगल की आग बुझाते समय एक वनकर्मी हादसे का शिकार हो गया। वनकर्मी आग बुझाने के दौरान खाई में गिर गया था। जिसके बाद घायल को बौराड़ी चिकित्सालय में भर्ती किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना ढाईजर क्षेत्र के पास की है। 32 वर्षीय वनकर्मी सतेंद्र पंवार जंगल में लगी आग बुझा रहे थे। आगे पढ़िए

इसी दौरान वो पैर फिसलने से खाई में जा गिरे। घायल वनकर्मी को तुरंत बौराड़ी अस्पताल ले जाया गया। जहां घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एम्स रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वनकर्मी की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे में घायल सतेंद्र लामकोट गांव के रहने वाले हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि वनकर्मी सतेंद्र को समय पर इलाज मिलना चाहिए था, लेकिन बौराड़ी चिकित्सालय सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह गया है। सरकार हॉस्पिटल को पीपीपी मोड से हटा कर पहले की तरह संचालित करे, ताकि लोगों को इलाज के अभाव में दूसरी जगह न जाना पड़े। लोगों ने ऐसा न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।