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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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उत्तरकाशी: उत्तराखंड आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्य है। यहां कभी पिथौरागढ़ तो कभी चमोली में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं।
इस बार चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले की धरती डोल गई। यहां रविवार दोपहर करीब 12 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। हालांकि कहीं से भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। उत्तरकाशी में जिला मुख्यालय के अलावा भटवाड़ी, डुंडा, गंगोत्री, चिन्यालीसौड़ और यमुना घाटी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। तब से लोग बेहद डरे हुए हैं। रविवार को एक घंटे के भीतर लगातार दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला भूकंप दोपहर 12.37 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 मापी गई है। वहीं दूसरा झटका 12.54 बजे महसूस हुआ, जो कि हल्का था। धरती के हिलने का अहसास होते ही डरे हुए लोग घरों से बाहर निकल आए। बता दें कि उत्तरकाशी जिला भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।
भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तरकाशी भूकंप के जोन 4 व 5 में स्थित है। 20 अक्टूबर 1991 को यहां आए भूकंप में आठ सौ से अधिक लोग मारे गए थे। सैकड़ों परिवार बेघर हो गए थे। साल 1999 के भूकंप ने भी उत्तरकाशी के लोगों को डराया था। पिछले कुछ समय से यहां लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। इसी साल अप्रैल महीने में भी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप के झटके पुरोला, मोरी, नौगांव और बड़कोट क्षेत्र में महसूस किए गए थे। ये सभी क्षेत्र हिमाचल की सीमा से सटे हुए हैं। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार भूकंप की घटनाएं हो रही हैं। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि हल्के भूकंप के झटकों के राज्य में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन ये आने वाले खतरे का संकेत जरूर हो सकते हैं। हमें सतर्क रहना होगा।