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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हल्द्वानी: कुमाऊं का खूबसूरत शहर हल्द्वानी। सितंबर 2019 में यहां एक ऐसी घटना हुई, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया।
यहां एक बुजुर्ग शख्स ने अपनी बहू की हत्या कर लाश को जंगल में फेंक दिया। बहू की हत्या करने के बाद आरोपी ससुर ने बहू के कहीं जाने की अफवाह उड़ा दी और पोता-पोती को लेकर बरेली भाग गया। हालांकि कुछ दिन बाद बहू की लाश जंगल से बरामद कर ली गई। मामले में मकान मालिक की ओर से आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था। मंगलवार को सत्र न्यायाधीश द्वितीय नीलम रात्रा की कोर्ट ने अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की 90 प्रतिशत राशि बच्चों को दी जाएगी। बता दें कि देवलचौड़ स्थित हरिपुर जमन सिंह निवासी गुरुचरन सिंह ने चार नवंबर 2019 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को यूपी के बरेली का रहने वाला मदन लाल अपनी बहू सीमा और पोता-पोती के साथ उनके घर किराये पर रहने पहुंचा था। मदनलाल ने महिला को अपनी पत्नी बताया था. गुरुचरण सिंह ने उन्हें कमरा किराए पर दे दिया था। 18 सितंबर को मदन लाल ने कहा कि उसकी बहू कहीं चली गई है। अगले ही दिन वो बच्चों को लेकर खुद भी चला गया। इस बीच 27 सितंबर 2019 को गुरुचरन के घर से करीब 50-60 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल में एक महिला का शव मिला। जिसके बाद गुरुचरन सिंह ने सीमा की हत्या की आशंका जताते हुए मदन लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद बहू की हत्या करने की बात कबूली। उसने बताया कि उसने चापड़ से सीमा की हत्या कर लाश को जंगल में फेंक दिया था। 19 जुलाई 2022 को कोर्ट ने मदन लाल को धारा 302 और 201 के तहत दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 70 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।