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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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चमोली: शारीरिक स्वस्थ रहना कितना जरूरी है यह हम सभी जानते हैं। इसके लिए नियमित घूमना, दौड़ना, योग ही विकल्प हैं।
देश में बढ़ती तनावग्रस्त दिनचर्या को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अगस्त 2019 को फिट इंडिया मूवमेंट की पहल की ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ और तंदुरुस्त रहे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को सीरियसली लेते हुए उत्तराखंड के रविंद्र नेगी हर दिन 22 किलोमीटर की पैदल चाल चलते हैं और दौड़ लगाते हैं। रविंद्र नेगी की दिनचर्या जानेंगे तो आप भी हैरान रहे जाएंगे और रविंद्र नेगी से प्रेरित होंगे।41 वर्षीय रविंद्र नेगी जनपद चमोली के नारायणबगड़ ब्लॉक के सणकोट गांव निवासी हैं। वर्ष 2000 में रविंद्र नेगी ने गौचर पालीटेक्निक से फार्मेसी में डिप्लोमा प्राप्त की। कुछ समय बेरोजगार रहने के बाद रविंद्र नेगी ने 2006 में बदरीनाथ धाम में मेडिकल स्टोर खोला। जनवरी 2022 में रविंद्र नेगी की नौकरी राजकीय पशु चिकित्सालय कर्णप्रयाग में वेटनरी फार्मासिस्ट के पद पर लगी। बदरीनाथ धाम में जब रविंद्र नेगी मेडिकल स्टोर संचालित करते थे तो वहां अनियमित दिनचर्या से वह ग्रसित हुए और उनका मोटापा धीरे-धीरे बढ़ने लगा। कोलेस्ट्रॉल और शुगर भी खतरे की निशान तक पहुंचने लगा। वर्ष 2018-19 में रविंद्र नेगी का वजन 94 किलोग्राम तक पहुंच गया था। स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत होने के कारण रविंद्र नेगी ने अनियमित दिनचर्या को सुधारने के लिए सुबह और शाम को टहलना शुरू किया। कोविड के दौरान भी गौचर में रविंद्र नेगी ने दुआ-कांडा गांव की सड़क पर नियमित दौड़ लगाई। कोविड के बाद जब उनकी राजकीय पशु चिकित्सालय कर्णप्रयाग में वेटनरी फार्मासिस्ट के पद नौकरी लगी तो उन्होंने अपनी दिनचर्या ही बदल दी। आगे पढ़िए
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गौचर से कर्णप्रयाग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रविंद्र नेगी ने संकल्प लिया कि वह अपने घर गौचर से अपने कार्यालय कर्णप्रयाग जाना-आना पैदल ही करेगा। केवल आपात स्थिति में भारी वर्षा व तेज धूप में ही वे सार्वजनिक वाहन का उपयोग करेगा। ऐसा करके उन्होंने 26 किलो वजन कम कर लिया है। वर्तमान में रविंद्र नेगी का वजन 68 किलोग्राम है। वे हर रोज गौचर से कर्णप्रयाग 11 किमी जाने और 11 किलोमीटर आने की दूरी तेज चाल व दौड़कर पूरी कर रहे हैं। रविंद्र नेगी बताते हैं कि वह करीब 16 किलोमीटर हर रोज दौड़ते हैं और छह किलोमीटर की तेज चाल चलते हैं। वह हर सुबह 6.15 बजे अपने गौचर घर से निकलते हैं और सुबह 7.30 बजे से पहले अपने कर्णप्रयाग कार्यालय में पहुंच जाते हैं। दोपहर ढाई बजे छुट्टी होने पर वे फिर हल्के-हल्के दौड़ते हुए घर लौटते हैं। शीतकाल में अस्पताल नौ बजे खुलता है तो वह सुबह 7.15 बजे घर से निकलते हैं।रविंद्र नेगी कहते हैं कि हर दिन करीब 22 किलोमीटर की तेज चाल और दौड़ने का अभ्यास उनकी दैनिक दिनचर्या में आ गया है। रविन्द्र नेगी का कहना है कि तेज चाल व दौड़ लगाने के पीछे उद्देश्य है कि वे शारीरिक रूप से फिट और एकदम स्वस्थ रहें।