काशीपुर में सैकड़ों लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने और उनमें आस्था न रखने की कसमें खिलाई गईं। वीडियो वायरल हुआ है..आप भी देखिए
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Video of conversion in Uttarakhand Kashipur goes viral
उधमसिंह नगर: राज्य सरकार धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून लाने के दावे करती रह गई और उधर काशीपुर में 500 से ज्यादा लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ दिया?
Video of conversion in Kashipur goes viral
खबर है कि इन सभी ने हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध धर्म की दीक्षा ले ली। काशीपुर में हुए बौद्ध धर्म के दीक्षा समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है। इसमें लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने और उनमें आस्था न रखने की कसमें खिलाई जा रही है। उन्हें विष्णु, शिव, ब्रह्मा और राम-कृष्ण की पूजा न करने की शपथ दिलाई जा रही है। रविवार को प्रतापपुर के अंबेडकर पार्क में जन कल्याण सेवा समिति ने धम्म दीक्षा समारोह का आयोजन किया। जिसमें तकरीबन 500 लोग पहुंचे और सभी को हिंदू धर्म न मानने की शपथ दिलाई गई। आगे देखिए वीडियो
कार्यक्रम के प्रबंधक राजेश गौतम का साफ कहना है कि हम हिंदू धर्म को नहीं मानते। अशिक्षा के चलते इतने दिनों तक हम भ्रम में रहे। न तो हमारा हिंदू धर्म से कोई नाता है और न ही उनके देवी देवताओं से। एससी और एसटी वर्ग हिंदू नहीं है, कोई साबित कर दे तो वह एक करोड़ का इनाम देने को तैयार हैं। इस समारोह में बसपा शासन काल में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहे दद्दू प्रसाद भी मौजूद थे। बता दें कि पिछले महीने ऐसा ही एक मामला दिल्ली में भी सामने आया था। यहां दिल्ली सरकार के मंत्री की उपस्थिति में ठीक इसी प्रकार से लोगों को हिंदू विरोध की शपथ दिलाई गई थी। अब उत्तराखंड में हुई धर्मांतरण की घटना से प्रशासन में हड़कंप मचा है। काशीपुर के एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। धर्म विशेष के प्रति की जा रही टिप्पणी का मामला सामने आने पर ऐसे लोगों पर उचित वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।