गनीमत ये रही कि हमले में किसी महिला की जान नहीं गई। हालांकि चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनमें से तीन को इलाज के लिए बाहर रेफर किया गया है।
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कोमल नेगी
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Image: Elephant attack on women in Khatima forest
खटीमा: उत्तराखंड में घास-चारापत्ती लेने गई महिलाओं की जिंदगी हर वक्त दांव पर लगी रहती है। यहां कभी गुलदार के हमले की घटनाएं हो रही हैं तो कभी लोग हाथी के हमले में जान गंवा रहे हैं।
Elephant attack on women in Khatima
ताजा मामला खटीमा का है, जहां हाथी ने चारा लेने गई महिलाओं पर हमला कर दिया। हमले में महिलाएं बुरी तरह घायल हुई हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सोमवार की है। यहां आलावृद्धि गांव में रहने वाली गोमती देवी, भागीरथी देवी, जमुना देवी, भागा देवी, गोमती देवी, सुमन और ज्योति मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल गई हुई थीं। महिलाएं जैसे ही जंगल के किनारे नाले के पास पहुंची एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। वो जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगीं। हाथी ने महिलाओं का पीछा नहीं छोड़ा और उन्हें अपनी सूंड़ से उठाकर फेंकने लगा।
महिलाओं के शोर मचाने के बाद हाथी जंगल की ओर भाग गया। गनीमत ये रही कि हमले में किसी महिला की जान नहीं गई। हालांकि भागा देवी (40), गोमती देवी (35), सुमन (18) और ज्योति (18) गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चारों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जिनमें से तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। बता दें कि किलपुरा के जंगल में 15 नवंबर को भी हाथी के हमले की घटना सामने आई थी। हाथी ने 40 वर्षीय गीता चंद को उठाकर पटक दिया था। हाथी के हमले की घटनाओं को देखते हुए वन अधिकारियों ने लोगों से अकेले जंगल में न जाने की अपील की है। हाथी के हमले की घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।