Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
बागेश्वर: पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार पहले ही दहशत का सबब बने हुए थे और अब भालू के हमले की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं।
बागेश्वर में भालू के हमले की दिल दहला देने वाली घटना हुई है। यहां भालू ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उनके चेहरे को बुरी तरह नोंच दिया। बुजुर्ग की हालत ऐसी हो गई है कि उनका चेहरा देख किसी की भी रूह कांप जाए। हमले के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग होने से बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित बुजुर्ग का नाम भगत सिंह कोरंगा है, वो चुचेर गांव में रहते हैं। 68 साल के भगत सिंह कोरंगा बुधवार सुबह चारापत्ती लेने के लिए जा रहे थे। तभी घर से महज 200 मीटर की दूरी पर गौना गधेरे पर भालू ने उन पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। भालू ने बुजुर्ग के चेहरे को बुरी तरह नोंच दिया।
भालू से बचने के लिए बुजुर्ग ने ढलान की ओर दौड़ लगा दी। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंच गए। जिसके बाद भालू वहां से भाग गया। हमले में घायल बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है। वो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वन विभाग की ओर से बुजुर्ग के इलाज के लिए 10 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है, लेकिन ये काफी नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में एक महीने के भीतर भालू के हमले की दो घटनाएं हो चुकी हैं। 13 नवंबर को भी भालू ने 55 साल के शेर सिंह पर हमला कर दिया था। शेर सिंह अब भी बरेली के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन वन विभाग कुछ कर नहीं पा रहा। ग्रामीणों ने वन विभाग से ग्रामीण इलाकों में गश्त करने और खूंखार जंगली जानवरों पर नियंत्रण करने की मांग की है।