युवती ने सनातन धर्म स्वीकार किया और साईन से नीलम बन गई। इसके बाद उसने अग्नि को साक्षी मानकर अपने प्रेमी मनोज के साथ मंदिर में सात फेरे लिए।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Saeen Neelam Married With Manoj In Sitarganj Uttarakhand
उधमसिंह नगर: अपने प्यार को पाने के लिए उत्तराखंड के सितारगंज की साईन ने सनातन धर्म अपना लिया। साईन ने मौनी बाबा मंदिर में सनातन धर्म स्वीकार किया और साईन से नीलम बन गई।
Saeen Manoj Marriage in sitarganj Uttarakhand
इसके बाद उसने अग्नि को साक्षी मानकर अपने प्रेमी मनोज के साथ सात फेरे लिए। विवाह के मौके पर समाज के संभ्रांत लोग भी मौजूद थे। उन्होंने नव विवाहित दंपति को आशीर्वाद देकर नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। साईन और मनोज एक ही क्षेत्र में रहते थे। पढ़ाई भी साथ ही हुई थी। पहले दोनों दोस्त थे, लेकिन एक-दूसरे को जानने समझने लगे तो दोनों के बीच प्यार हो गया। हालांकि बात जब शादी की आई तो बड़े-बुजुर्गों ने साफ इनकार कर दिया, वजह थी दोनों का अलग संप्रदाय से होना। साईन मुस्लिम थी, जबकि मनोज हिंदू। आगे पढ़िए
मनोज और साईन ने अपने परिवार वालों को मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन जब वो नहीं माने तो साईन और मनोज ने मजहबी बंदिशें तोड़ते हुए घर छोड़ दिया। बाद में परिजनों ने किसी तरह उन्हें ढूंढ निकाला और दोनों को समझा-बुझाकर घर ले आए। साईन और मनोज दोनों ही एक-दूसरे के साथ रहना चाहते थे। परिवार का विरोध भी साईन को डिगा नहीं पाया। इसके बाद पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल और हरीश दुबे ने दोनों परिवारों को समझाया। गुरुवार को शहर के खटीमा मार्ग स्थित मौनी बाबा मंदिर में साईन ने सनातन धर्म स्वीकार कर अपना नाम नीलम रख लिया। इसी मंदिर में नीलम और मनोज ने अग्नि को साक्षी मानकर नए जीवन की शुरुआत की। इस मौके पर शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और दंपति को आशीर्वाद दिया।