उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग को जोड़ेगी 94 किलोमीटर की नई सड़क, 144 Km दूरी होगी कम

अभी खरसाली से यमुनोत्री पहुंचने में 4 से 5 घंटे का वक्त लगता है। रोपवे सेवा शुरू होगी तो यात्री महज 9 मिनट में यमुनोत्री धाम पहुंच सकेंगे।
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uttarkashi rudraprayag new road: New Road from Uttarkashi Bhatwadi to Rudraprayag Triyuginarayan
Image: New Road from Uttarkashi Bhatwadi to Rudraprayag Triyuginarayan

रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले वक्त में यमुनोत्री धाम की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। यहां रोपवे परियोजना पर काम शुरू हो गया है। अभी खरसाली से यमुनोत्री पहुंचने में 4 से 5 घंटे का वक्त लगता है। रोपवे सेवा शुरू होगी तो यात्री महज 9 मिनट में यमुनोत्री धाम पहुंच सकेंगे।

New Road from Uttarkashi to Rudraprayag

इसके अलावा गंगोत्री और केदारनाथ के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक नई सड़क भी बनाई जा रही है। यह सड़क भटवाड़ी से त्रिजुगीनारायण तक बनेगी। सड़क की लंबाई 94 किलोमीटर होगी। इस सड़क के बनने के बाद गंगोत्री से केदारनाथ की दूरी 144 किलोमीटर कम हो जाएगी। अभी गंगोत्री से केदारनाथ जाने के लिए यात्रियों को वाया गौरीकुंड तक करीब 354 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। नई सड़क बनने से ये दूरी लगभग 210 किलोमीटर रह जाएगी। सचिव लोनिवि आरके सुधांशु ने बताया कि नई सड़क के सर्वे के लिए बजट जारी हो चुका है। भटवाड़ी से बूढ़ाकेदार तक करीब 45 किलोमीटर का सर्वे हो चुका है। गंगोत्री-केदारनाथ के सफर को आसान बनाने के साथ ही यमुनोत्री यात्रा को भी सुगम बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यहां आने वाले यात्रियों को पैदल यात्रा से मुक्ति दिलाने की कवायद जारी है। इसके लिए खरसाली से यमुनोत्री धाम के बीच रोपवे सेवा का संचालन किया जाएगा। वन मंत्रालय ने खरसाली से यमुनोत्री तक के लिए 3.838 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण का आदेश जारी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास साल 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया था, लेकिन वन भूमि की अड़चन के चलते प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हो पा रहा था। खरसाली से यमुनोत्री की पैदल यात्रा में अभी 4 से 5 घंटे का वक्त लगता है। अब इन दोनों क्षेत्रों को 3.5 किलोमीटर लंबी रोपवे सेवा से जोड़ने की कवायद चल रही है। ऐसा होने पर श्रद्धालु 9 मिनट में यमुनोत्री धाम पहुंच सकेंगे। सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे के अनुसार जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी कर पीपीपी मोड में रोपवे के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।