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अल्मोड़ा: जातिगत भेदभाव और छुआछूत की बढ़ती घटनाएं उत्तराखंड की छवि को कलंकित कर रही हैं। कुछ महीने पहले चंपावत के एक सरकारी स्कूल में सवर्ण छात्रों ने दलित भोजनमाता के हाथ से बना खाना खाने से इनकार कर दिया था।
अब जातिगत भेदभाव की ऐसी ही एक घटना अल्मोड़ा में सामने आई है। यहां मिड-डे मील खिलाते समय दलित और सवर्ण बच्चों को अलग-अलग बैठाने का आरोप लगा है। आरोप है कि खाना परोसते वक्त दलित और सवर्ण बच्चों को अलग-अलग पंक्तियों में बैठाया जाता है। दलित बच्चों के साथ भेदभाव किया जाता है। मामला धौलादेवी ब्लॉक में स्थित प्राइमरी पाठशाला थली से जुड़ा है। ग्रामीणों ने यहां स्कूल प्रशासन पर दलित छात्रों संग भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। ज्ञापन में बताया गया कि थली गांव निवासी हरीश राम का बेटा प्राइमरी स्कूल में पढ़ता है।
बीते दिनों हरीश अपने बच्चे की पढ़ाई के बारे में जानकारी लेने के लिए स्कूल पहुंचे तो वहां उन्होंने देखा कि दलित और सवर्ण बच्चों को अलग-अलग बैठाकर मिड डे मील परोसा गया था। दलित छात्र अलग लाइन में बैठकर खाना खा रहे थे। हरीश राम ने पूरा घटना का वीडियो बना लिया। उन्होंने स्कूल में भेदभाव का विरोध किया तो स्कूल के शिक्षक ने उन्हें दन्या थाने में बुलाया। वहां पुलिसकर्मियों ने हरीश राम संग अभद्रता की। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि दलित बच्चों संग भेदभाव का मामला बेहद संवेदनशील है। इस में तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वो आंदोलन करेंगे। वहीं एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।