जोशीमठ में डटे CM धामी, कहा- एक भी घर नहीं टूटेगा, फैलाई जा रही अफवाह

प्रभावितों को मुआवजे के मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। देहरादून में पूर्व सीएम हरीश रावत मौन उपवास पर बैठे हैं।
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Joshimath sinking latest update: Houses will not be demolished in Joshimath says CM Pushkar Singh Dhami
Image: Houses will not be demolished in Joshimath says CM Pushkar Singh Dhami

चमोली: भूधंसाव से जूझ रहे जोशीमठ की आबादी को शिफ्ट करने की तैयारी है। लोगों को उद्यान विभाग की जमीन, पीपलकोटी और गौचर के पास स्थित जमीन पर शिफ्ट किया जा सकता है, हालांकि स्थानीय लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में रात्रि प्रवास किया।

Houses will not be demolished in Joshimath

इसके बाद सीएम ने प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं किए गए कामों का जायजा लिया। जोशीमठ में घरों की तोड़फोड़ किए जाने के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इलाके के किसी भी व्यक्ति का घर नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा कि किसी के घर को तोड़ने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। घरों पर रेड क्रॉस के निशान सिर्फ उन्हें खाली कराने के लिए हैं। भी हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सीएम से फोन पर जोशीमठ के हालात के बारे में जानकारी ली। जोशीमठ में भूधंसाव के कई कारण सामने आए हैं। ये शहर भूस्खलन क्षेत्र में बसा है। ड्रेनेज व सीवेज व्यवस्था न होने की वजह से पानी जमीन में समा रहा है, जिससे जमीन धंस रही है। तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना को भी जोशीमठ की तबाही की वजह बताया जा रहा है। आगे पढ़िए

इस बीच जोशीमठ में प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों की मुआवजे को लेकर चल रही बैठक में बात नहीं बनी। प्रशासन की ओर से प्रभावितों परिवारों को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही गई, लेकिन प्रभावितों ने इससे इनकार कर दिया। मुआवजे के मुद्दे पर राजनीति भी शुरू हो गई है। देहरादून में पूर्व सीएम हरीश रावत मौन उपवास पर बैठे हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि जोशीमठ में तोड़े जा रहे भवनों का वन टाइम सेटेलमेंट हो। बिना किसी पुनर्वास नीति के ध्वस्तीकरण अन्यायपूर्ण है। बता दें कि मुख्यमंत्री के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जोशीमठ आपदा को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार को तत्कालिक रूप से 1.50 लाख की अंतरिम सहायता दी जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों को ये फैसला मंजूर नहीं है।