केवल जोशीमठ नहीं बल्कि कर्णप्रयाग, श्रीनगर व चंबा में भी आपदा की आहट सुनाई देने लगी है। ये वो शहर हैं, जहां बड़ी विकास परियोजनाओं का काम चल रहा है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Joshimath Sinking Karnprayag House Crack Srinagar House Crack Chamba House Cr
चमोली: अनप्लांड डेवलपमेंट ने उत्तराखंड को आपदा के मुहाने पर ला खड़ा किया है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब का प्रवेश द्वार जोशीमठ भूधंसाव की जद में है।
Cracks in Karnprayag Srinagar Chamba houses
यहां से आई तस्वीरों ने हर किसी को दहला दिया है। डराने वाली बात ये है कि केवल जोशीमठ नहीं बल्कि कर्णप्रयाग, श्रीनगर व चंबा में भी आपदा की आहट सुनाई देने लगी है। ये वो शहर हैं, जहां बड़ी विकास परियोजनाओं का काम चल रहा है। यहां भी घरों में बड़ी-बड़ी दरारें देखी जा रही हैं। हालांकि अभी तक दरारों के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चला है, लेकिन जहां भी ये दरारें हैं, वहां रेलवे या हाईवे के निर्माण कार्य चल रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि ऑल वेदर रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण कार्यों की वजह से ही आसपास के घरों में ये दरारें आई हैं।
कर्णप्रयाग में कई घरों मे दरारें नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो घर 3-4 साल पहले ही बने हैं, उनमें भी दरारें दिख रही हैं। श्रीनगर निवासी भी कुछ इसी तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं। यहां भी कुछ घरों में दरारें आ गई हैं। जिसके पीछे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन के निर्माण कार्य को अहम वजह बताया जा रहा है। लोगों ने कहा कि रेलवे स्टेशन और टनल बनाने के लिए सैकड़ों ब्लास्ट किए गए, जिससे पहाड़ हिल रहे हैं। टिहरी के चंबा में ऑलवेदर रोड की अहम सुरंग बनी है, यहां भी सुरंग के लिए हुई ब्लास्टिंग के साइड इफेक्ट दिख रहे हैं। बहरहाल श्रीनगर और कर्णप्रयाग में घरों में दरारें आने के बाद टनल निर्माण में ब्लास्टिंग रुकवा दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों का जल्द ही जियोलॉजिकल सर्वे करवाने की बात भी कही जा रही है।