जोशीमठ आपदा: जिस घर में होनी थी ज्योति की शादी, उस घर को छोड़ना होगा..नम हुई आंखें

भावी दुल्हन ज्योति उसी जोशीमठ क्षेत्र में रहती है, जो लगातार धीमी मौत मर रहा है। इसी के साथ यहां रहने वालों के सपने और आशाएं भी दम तोड़ने लगी हैं।
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joshimath jyoti wedding : Joshimath Sinking Story Of Jyoti Wedding
Image: Joshimath Sinking Story Of Jyoti Wedding

चमोली: ‘अपने पैतृक घर से विदाई, हर बेटी का सपना होता है, लेकिन वर्तमान में यहां जैसे हालात बने हुए हैं, मुझे नहीं लगता कि मेरी डोली मेरे घर से जाएगी...’ ये कहते हुए ज्योति की आंखें डबडबा गईं।

Joshimath Sinking Story Of Jyoti

ज्योति उसी जोशीमठ क्षेत्र में रहती है, जो लगातार धीमी मौत मर रहा है। इसी के साथ यहां रहने वालों के सपने और आशाएं भी दम तोड़ने लगी हैं। ज्योति का परिवार भी प्रभावितों में से एक है। मार्च में ज्योति की शादी होनी है। शादी का सारा सामान खरीद कर घर में रख दिया गया था, लेकिन अब प्रशासन ने उनके घर पर लाल निशान लगा दिया है। उनसे घर खाली करने को कहा जा रहा है। ज्योति कहती हैं कि उनका विवाह जोशीमठ में होना था, लेकिन लगता नहीं कि अब ऐसा कभी हो पाएगा। ज्योति की मां भी दुखी हैं। वो कहती हैं कि हमने शादी का सारा सामान खरीद लिया था, जिसे घर में रखा गया है। अब प्रशासन ने हमारे घर की दीवारों पर क्रॉस का निशान लगा दिया है। हमें नहीं पता कि अब क्या करें और कहां जाएं।

हम शादी के लिए खरीदा हुआ सामान कहां लेकर जाएंगे। मैं चाहती थी कि बेटी की विदाई हमारे घर से हो, लेकिन पता नहीं भगवान की मर्जी क्या है। वहीं बात करें जोशीमठ के हालात की तो यहां जोशीमठ नगर क्षेत्र में 9 वार्ड में 760 भवन खतरे में हैं। इनमें से 128 भवनों को असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन द्वारा अब तक 169 परिवारों के 589 लोगों को विभिन्न स्थानों पर अस्थाई रूप से विस्थापित किया गया है। अचानक आई आपदा ने जोशीमठ वासियों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है। खासकर वो परिवार बेहद परेशान हैं, जिनके यहां बेटे-बेटी की शादी होनी थी। तमाम परिवार बेघर हो गए हैं। अब यहां बर्फबारी भी शुरू हो गई है। कड़ाके की ठंड में पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।