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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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वैज्ञानिकों की देखरेख में होटल माउंट व्यू और मलारी इन को ढहाने की कार्रवाई रविवार को भी जारी रही। इस बीच होटल स्नो क्रिस्ट और कॉमेट लॉज ने भी प्रशासन को नई टेंशन दे दी है। महज 24 घंटे के भीतर ये दोनों होटल एक-दूसरे की ओर झुक गए हैं। दोनों में दरारों की संख्या भी बढ़ रही है। प्रशासन की टीम ने सीबीआरआई के वैज्ञानिकों संग रविवार को इन दोनों होटलों का निरीक्षण किया, हालांकि होटलों को ढहाया जाएगा या नहीं, इसे लेकर क्या निर्णय हुआ है, ये पता नहीं चल सका है। होटल स्नो क्रिस्ट और कामेट लॉज बदरीनाथ हाईवे पर स्थित हैं। खतरा बढ़ने पर इन्हें पूरी तरह खाली कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि होटलों के झुकने का सिलसिला नौ जनवरी को शुरू हुआ था। जब ये होटल बनकर खड़े हुए, तब इनकी छत में करीब दो फीट का फासला था।
अब भूधंसाव के कारण इनकी छत एक-दूसरे को छूने लगी है। बता दें कि जोशीमठ नगर क्षेत्र के नौ वार्डों में 826 भवन भूधंसाव से प्रभावित हुए है। इसमें से 165 भवन ऐसे हैं, जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से अब तक 233 परिवारों के 798 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। नगर पालिका क्षेत्र जोशीमठ के बाहर पीपलकोटी में अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 20 भवनों के 491 कमरों को चयनित किया गया है। आपदा प्रभावित 336 प्रभावितों को जिला प्रशासन की ओर से अब तक 249.27 लाख रुपये की धनराशि बांटी जा चुकी है। हर परिवार को 1.5 लाख रुपये की त्वरित सहायता दी जा रही है। होटल मलारी इन और माउंट व्यू को ध्वस्त करने का काम भी जारी है। दोनों होटलों को चरणबद्ध तरीके से अगले पांच दिनों में ध्वस्त कर दिया जाएगा। इन होटलों को लोक निर्माण विभाग के मजदूरों व एसडीआरएफ की टीम डिस्मेंटल कर रही है।