कोर्ट में मौजूद अन्य वकील वरिष्ठ अधिवक्ता को तुरंत एक निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन तब तक वकील संजय यादव की मौत हो चुकी थी।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: death of senior advocate sanjay yadav in haridwar court
हरिद्वार: किसी ने सच ही कहा है, जीवन पानी के बुलबुले जैसा है। जिंदगी कब, कहां दगा दे जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। बीते दिनों ऐसी कई खबरें देखने को मिलीं, जिनमें लोग नाचते-गाते या फिर खाना खाते हुए अचानक दम तोड़ गए। अल्मोड़ा में तो शादी के दौरान ही दूल्हे की अचानक मौत हो गई थी।
Death of senior advocate sanjay yadav in haridwar
अब ऐसी ही एक दुखद घटना हरिद्वार में हुई है। यहां मुकदमे की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता की अचानक मौत हो गई। सोमवार को दोपहर करीब एक बजे अधिवक्ता संजय यादव किसी मुकदमे में पारिवार न्यायालय में पैरवी कर रहे थे। यादव उपभोक्ता मामले के विशेषज्ञ अधिवक्ता थे। इसी दौरान अचानक वह नीचे गिर गए। कोर्ट में मौजूद अन्य वकील उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन तब तक संजय यादव की मौत हो चुकी थी। आगे पढ़िए
मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। उनके निधन पर अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। साथी अधिवक्ताओं ने बताया कि संजय यादव मिलनसार और मृदुभाषी स्वभाव के थे। उनके निधन से बार संघ को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है। बता दें कि बीते दिनों अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में भी एक शादी समारोह की खुशियां अचानक मातम में बदल गई थीं। यहां दुल्हन के साथ सात फेरे लेने के बाद अचानक दूल्हा गश खाकर जमीन पर गिर पड़ा। आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इस दौरान दूल्हे की मौत हो गई। दूल्हा पेशे से डॉक्टर था।