Chamoli incident घटना के बाद ग्रामीण बुरी तरह सदमे में हैं। हरमनी, रांगतोली और पांडुली गांव में कल से चूल्हे तक नहीं जले।
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कोमल नेगी
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Image: 10 people of Harmani village died in Chamoli incident
चमोली: चमोली में मौत के करंट ने 16 लोगों की जान ले ली। महज तीन मिनट के भीतर प्लांट परिसर के भीतर लाशों का ढेर लग गया। घटना के बाद ग्रामीण बुरी तरह सदमे में हैं।
10 people of Harmani village died
हरमनी, रांगतोली और पांडुली गांव में चूल्हे तक नहीं जले। गांव-गांव में मातम पसरा हुआ है। अकेले हरमनी गांव के 10 लोगों की मौत हो गई। 10 लोगों की अर्थियां एक साथ उठी। हादसे के बाद झुलसे पीड़ितों संग एम्स ऋषिकेश पहुंचे दीपक फर्स्वाण ने बुधवार की काली सुबह की पूरी कहानी बताई। दीपक ने बताया कि बुधवार की सुबह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में एक युवक के मरने की सूचना मिली थी। जिसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल की ओर चल पड़े। इस दौरान प्लांट की बिजली ऑन हो गई और शॉर्ट सर्किट से एक धमाका हुआ। पल भर में ही वहां लाशों के ढेर लग गए। कुछ लोग तो जान बचाने के लिए अलकनंदा नदी में भी कूद गए। दीपक ने बताया कि वो हादसे के चंद मिनट पहले ही प्लांट के बाहर आ गए थे, जिससे उनकी जान बच गई। आगे पढ़िए
घटनास्थल पर मौजूद रहे सुभाष खत्री ने बताया कि सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर जैसे ही बिजली आई, लोग करंट की चपेट में आने लगे। इस बीच 11 बजकर 29 मिनट पर बिजली चली गई, लेकिन महज तीन मिनट में सबकुछ तबाह हो चुका था। जिसने भी प्लांट के प्लेटफॉर्म के बाद जाली वाले रास्ते में जाली को टच किया, वो जमीन पर गिरकर झुलस गया। लोहे के एंगल से बिजली की चिंगारियां निकल रही थीं, प्लांट के अंदर से धुआं आ रहा था। अचानक हुए इस हादसे के बाद लोग गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को संचालित करने वाली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की है। chamoli current incident को लेकर आज गोपेश्वर, पीपलकोटी, जोशीमठ, कर्णप्रयाग व गौचर समेत पूरे जिले में बाजार बंद रखे गए हैं।