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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: चमोली कस्बे में नमामि गंगे परियोजना के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में कल जो भी हुआ वह बेहद शर्मनाक और हृदय विदारक है। बस 3 मिनट में ही करंट दौड़ने से वहां मौजूद 16 लोगों की मौत हो गई।
जबकि 11 लोग झुलस गए हैं। झुलसों में छह को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। मरने वालों में पीपलकोटी के पुलिस चौकी इंचार्ज, एक ग्राम प्रधान, तीन होमगार्ड सहित अन्य लोग शामिल हैं। दरअसल, अलकनंदा नदी के किनारे बने एसटीपी प्लांट को जाने वाला रास्ता सेफ्टी वॉल के ऊपर बना है। यह चार फीट चौड़ा और 30 मीटर लंबा रास्ता है। इसके दोनों ओर लोहे की जाली की रेलिंग लगी है। इसके साथ ही लोहे के चार खंभों के सहारे प्लांट तक एक पाइप पहुंचाया गया है। सुबह के वक्त यहां स्थानीय लोग ऑपरेटर की तलाश में पहुंचे थे। ऑपरेटर यहां लोहे की सीढ़ियों के पास इसी चार फीट के प्लेटफार्म पर पड़ा था। उसी समय एक के बाद एक यहां लोगों की भीड़ लग गई।
चौकी प्रभारी प्रदीप रावत भी वहां कुछ सिपाहियों और होमगार्ड के साथ पहुंचे थे। अचानक वहां लोहे की सीढ़ियों के पास हाई वोल्टेज करंट दौड़ गया। इसकी चपेट में आए कई लोगों में देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। जिसके बाद वहां पर अफरा-तफरी मच गई। सभी एक दूसरे से चिपककर वहीं गिर गए। देखते-देखते मौके पर ही 15 लोग मौत के आगोश में समा गए। जबकि, कुछ भगदड़ और लोहे की सीढ़ियों पर गिरकर झुलस गए। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए ज़िलाधिकारी को घटना की जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए की राहत राशि अविलंब प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने Chamoli accident में मृतक लोगों की प्रति शोक व्यक्त किया है।