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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: राजस्थान के एक दानदाता ने बदरीनाथ धाम के बाहर के श्री बदरीनाथ मंदिर नाम की पट्टिका लगवाई है। इस पट्टिका से बदरीनाथ धाम की छवि निखर गई है।
बदरी- केदार मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने मीडिया को इस बारे में कुछ खास बातें बताई। उन्होंने कहा कि अभी तक दरीनाथ मंदिर के पास जगह- जगह मंदिर के छोटे बोर्ड लगे थे। वो बोर्ड दूर से दिखाई नहीं देते थे। अब नई नाम पट्टिका लगने से श्रद्धालु दूर से ही बदरीनाथ मंदिर का नाम देख पा रहे हैं। दानदाता कैलाश कुमार सुमेरपुर,राजस्थान के निवासी हैं। उनकी लेजर फ्लैक्स, कार्ड बोर्ड, लिखाई की चार भुजा ईएनसी के नाम से फर्म है। कैलाश कुमार भगवान बदरीनाथ के अनन्य भक्त हैं। आगे पढ़िए
कैलाश कुमार चाहते थे कि बदरीनाथ मंदिर के नाम का एक बड़ा सा बोर्ड हो। इसे लेकर उन्होंने मंदिर समिति के लोगों से मुलाकात की थी। कैलाश ने बताया कि उन्हें मंदिर समिति के लोगों का सहयोग भी मिला। श्री बदरीनाथ मंदिर की नाम पट्टिका राजस्थान में बनकर तैयार हुई। राजस्थान लाकर बदरीनाथ में इस बोर्ड को स्थापित किया गया। भगवान बदरी विशाल के नाम का ये सेवा कार्य पर कैलाश ने स्वेच्छा से साढ़े पांच लाख रुपये खर्च किये। मंदिर समिति ने भी इसे लेकर खुशी जताई है। आपको बता दें कि हर साल बदरीनाथ केदारनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु आते हैं। हर कोई अपनी स्वेच्छा से दान करता है।