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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड में सर्दी के सितम से लोग बेहाल हैं। लोग राहत पाने के लिए हीटर-अंगीठी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन इस दौरान अगर सावधानी न बरती जाए तो राहत को आफत बनते देर नहीं लगती।
नैनीताल में यही हुआ। यहां अंगीठी जलाकर सो रहे दो मजदूरों की मौत हो गई। एक अन्य मजदूर की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उसे बेसुध हालत में पाया गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना शहर के मल्लीताल क्षेत्र की है। यहां बदायूं निवासी राजकुमार, अवनीश और शाहजहांपुर निवासी मोनन्दर नैनीताल में दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं। रविवार रात को तीनों ने कमरे में पहुंचकर अंगीठी में आग जलाई। रात को खाना खाने के बाद तीनों अंगीठी भीतर ही रखकर सो गए। रात को तीनों की हालत बिगड़ी और वह बेसुध हो गए। सोमवार सुबह तीनों के स्वजनों ने फोन पर उनसे संपर्क करना चाहा। मगर कई बार फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठा। इसके बाद परिजनों ने ठेकेदार को कॉल किया तो उसने हल्द्वानी होने की बात कही।
किसी अनहोनी की आशंका के चलते सोमवार रात करीब 12 बजे नैनीताल पहुंच कर ठेकेदार पुलिस की मौजूदगी में मजदूरों के कमरे तक पहुंचा। जहां कमरा भीतर से बंद मिला। पुलिस ने देर रात कमरे का दरवाजा तोड़ा तो तीनों मजदूर बेसुध मिले। आनन-फानन में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बदायूं निवासी 21 वर्षीय राजकुमार व 24 वर्षीय अवनीश को मृत घोषित कर दिया। वही शाहजहांपुर निवासी 21 वर्षीय मोनन्दर की हालत गंभीर है, उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। शुरुआती जांच में मामला अंगीठी की गैस से मौत का लग रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।