बनभूलपुरा हिंसा का मास्टर माइंड अब्दुल मलिक पुलिस की गिरफ्त से दूर, निगम वसूलेगा 2.44 करोड़

बनभूलपुरा हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक नजूल की जमीन पर स्थित छोटे-छोटे भूखंडों को 50 और 100 रुपये के स्टैंप पर बेचने का काम कर रहा था।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Banbhoolpura violence master mind Abdul malik: Banbhulpura violence mastermind Abdul Malik is away from police custody
Image: Banbhulpura violence mastermind Abdul Malik is away from police custody

हल्द्वानी: हल्द्वानी में प्रशासन ने हिंसा प्रभावित इलाकों को छोड़कर शहर के शेष हिस्से से कर्फ्यू हटा लिया है।

Banbhoolpura violence master mind Abdul malik

डीएम वंदना ने बताया कि संपूर्ण बनभूलपुरा क्षेत्र आर्मी (कैंट) वर्कशॉप लाइन, तिकोनिया- तीनपानी गौलापार बाईपास का क्षेत्र छोड़कर पूरे शहर को कर्फ्यू मुक्त कर दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्रों में प्रशासन की टीम दूध, राशन और दवा पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। उधर, बनभूलपुरा हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा अब्दुल मलिक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। नजूल की जमीन पर अब्दुल मलिक अवैध रूप से छोटे-छोटे भूखंड को 50 और 100 रुपये के स्टैंप पर बेचने का कार्य कर रहा था। अब्दुल ने ही कथित अवैध मदरसा, नमाज स्थल बनवाया था।

हिंसाग्रस्त क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाकर दो पूर्व पार्षदों समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 60 लोग हिरासत में लिए गए हैं। बनभूलपुरा में पुलिस के सर्च ऑपरेशन के बाद एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि हिंसा मामले में निवर्तमान पार्षद महबूब आलम, निवर्तमान पार्षद जीशान, सपा नेता अरशद अयूब, असलम चौधरी और सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार किया है। अब्दुल मलिक ने सरकारी जमीन कब्जा करके मदरसा और नामाज स्थल बनाया था, जिसे तोड़ने को लेकर हिंसक घटना हुई। इस मामले में पुलिस अब्दुल मलिक की तलाश कर रही है। वहीं दूसरी ओर हिंसा की जांच की जिम्मेदारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को हल्द्वानी हिंसा की जांच के आदेश देकर 15 दिन में रिपोर्ट तलब की है।