प्रकाश के एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी संग अवैध संबंध थे, वो उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इसी के चलते पूरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Prakash of Bihar did not die in the Banbhulpura riots he was murdered
हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में 8 फरवरी को हुई हिंसा के दौरान बिहार के प्रकाश सिंह नाम के युवक की मौत का मामला सामने आया था।
Revelation in Prakash murder case
प्रकाश की मौत गोली लगने से हुई थी, कहा जा रहा था कि प्रकाश को उपद्रवियों ने मार डाला, लेकिन अब इस मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि प्रकाश की हत्या उपद्रव के दौरान नहीं, बल्कि अवैध संबंधों के चलते की गई। प्रकाश के एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी संग ढाई साल से अवैध संबंध थे। ये भी पता चला है कि प्रकाश उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसी के चलते दंगे की आड़ में प्रकाश की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद प्रकाश के शव को बनभूलपुरा में फेंक दिया गया। नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया प्रकाश का शव हिंसा प्रभावित इलाके में मिला था, लेकिन उसकी मौत दंगे में नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। हत्या में उत्तराखंड पुलिस का जवान समेत अन्य तीन लोग शामिल थे।
हत्याकांड को चोरगलिया थाने में तैनात पुलिस के एक जवान और उसके अन्य तीन साथियों ने मिलकर अंजाम दिया। प्रकाश के पुलिस के जवान की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे, वह उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था। ऐसे में पुलिस के जवान ने दंगे की आड़ में प्रकाश को ठिकाने लगा दिया। प्रकाश हिंसा वाले दिन ही हल्द्वानी पहुंचा था। इस हत्याकांड में पुलिस का जवान, जवान की पत्नी, जवान का साला व साले के दोस्त शामिल हैं। अभी तक इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हो गई है। पकड़े गए लोगों में उत्तराखंड पुलिस का जवान कांस्टेबल बीरेन्द्र सिंह पुत्र स्व. रघुनाथ सिंह निवासी खटीमा, सूरज बाईन पुत्र पवित्र बाईन निवासी सितारगंज, प्रेम सिंह निवासी किच्छा व नईम खान उर्फ बबलू निवासी हल्द्वानी शामिल हैं। पुलिस जवान की पत्नी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।