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पौड़ी गढ़वाल: प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का खामियाजा मरीजों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
बीते दिनों पौड़ी के बीरोंखाल ब्लॉक में इलाज के अभाव में एक प्रसूता की मौत हो गई थी। अब पौड़ी के डीएम डॉ. आशीष चौहान ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने एसडीएम थलीसैंण को मामले की जांच सौंपी है। साथ ही 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। यहां आपको पूरा मामला भी बताते हैं। 24 साल की रेनू पौड़ी के मैठाणा ग्वीन मल्ला में पति अमित गौनियाल के साथ रहती थी। रेनू गर्भवती थी और मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर अमित उसे लेकर गांव के पास स्थित बीरोखाल के सरकारी अस्पताल में पहुंचा।
यहां रेनू ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद रेनू की तबीयत बिगड़ गई, उसे ब्लीडिंग होने लगी। तब डॉक्टरों ने रेनू को रामनगर सीएचसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से रेनू को सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने रेनू को सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया, लेकिन अफसोस कि रेनू बच नहीं सकी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद डीएम पौड़ी डॉ. आशीष चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रसूता की उपचार के अभाव में मौत संवेदनशील मामला है। जिस भी स्तर पर लापरवाही हुई है, उसकी जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मजिस्ट्रेटी जांच में प्रसूता के रेफर होने में हुए विलंब की जांच की जाएगी।