Dehradun Pearl Heights Society Robbery Case: देहरादून के बसंत विहार के पर्ल हाइट्स सोसाइटी में हुई लूटकांड के बदमाशों के साथ देर रात पुलिस की मुठभेड़ हुई। इस दौरान दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Police Encounter With Dehradun Robbery Accused
देहरादून: 13 अप्रैल को हुई घटना में 2 आरोपी फुरकान और वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड विकास त्यागी की पत्नी के गाँव का युवक है।
Police Encounter in Dehradun Pearl Heights Society Robbery
13 अप्रैल को बसंत विहार लूट की घटना के संदिग्धों के साथ देहरादून पुलिस की मुठभेड़ हुई है। पुलिस उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आ रहे संदिग्ध बदमाशों का पीछा कर रही थी। आशारोड़ी के जंगल में बिहारीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर मुठभेड़ हुई, जिसमें एक बदमाश घायल हो गया है और दूसरा बदमाश फरार हो गया था। लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस ने उसे आशारोड़ी के जंगल से गिरफ्तार कर लिया।
क्या था पूरा मामला ?
पर्ल हाइट्ल सोसाइटी में रहने वाले विकास त्यागी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का व्यापार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 13 अप्रैल दोपहर लगभग 3 बजे तीन बदमाश ने दिनदहाड़े उनके घर बेल बजाकर घुसे और परिवार को चाकू, तमंचा दिखाकर बंधक बना लिया। तीन घंटे तक बदमाश घर में रहे और इस दौरान उन्होंने करीब साढ़े सात लाख रुपए नकद और 20 तोला सोने की लूटपाट की। इसके बाद उन्होंने भागते समय विकास त्यागी से कार का इंतजाम करवाया और उनके भाई व बेटे को भी साथ ले गए। उत्तराखंड की सीमा पार करते ही बदमाशों ने विकास त्यागी के भाई और बेटे को 500 रुपए देकर कार सहित वापस भेज दिया और वे खुद फरार हो गए।
14 अप्रैल को पकड़ा गया ओमवीर
लूट की घटना के बाद एसएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाने के निर्देश दिए थे। पुलिस इनकी गिरफ़्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने 14 अप्रैल को लूट के एक आरोपी ओमवीर को अरेस्ट किया था। ओमवीर ने पूछताछ में बताया था कि उसने घटनास्थल की रेकी की थी और उसने ही बदमाशों को घटनास्थल तक पहुंचाया था।
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लुटेरों से हुई पुलिस की मुठभेड़
Image: Police Encounter With Dehradun Robbery Accused
ओमवीर से मिले इनपुट के बाद पुलिस मुख्य तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली की दो बदमाश बिहारीगढ़ के क्षेत्र में हैं। जिसके बाद पुलिस ने बिहारीगढ़ पुलिस के साथ बिहारीगढ़ सहारनपुर क्षेत्र से संदिग्धों का पीछा करते हुए आशारोड़ी पर चेकिंग बढ़ा दी। चेकपोस्ट में चेकिंग के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें उपनिरीक्षक सुनील नेगी घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश फुरकान निवासी मुजफ्फरनगर को भी गोली लगी जबकि दूसरा आरोपी वसीम भाग निकला लेकिन कुछ देर बाद उसे भी पकड़ लिया गया।
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डकैती का मास्टरमाइंड निकला गाँव का युवक
Image: Police Encounter With Dehradun Basant Vihar Robbery Accused
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने बताया की इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड विकास त्यागी की पत्नी के गाँव का युवक है। उसके पास परिवार के बारे में पूरी जानकारी थी और वह इनसे मिलता जुलता रहता था। उसने इस डकैती के लिए कपिल कुमार उर्फ़ रावण को चुना। पुलिस रावण की तलाश में दबिश दे रही है, पकड़े गए दो युवक रावण के गाँव के ही थे। उन्होंने बताया कि कपिल कुमार उर्फ़ रावण ने ही उनकी मुलाक़ात शुभम त्यागी से कराई जो विकास त्यागी की पत्नी शालू त्यागी के गांव से है। फिर इन दोनों ने फुरकान और वसीम को बताया कि विकास त्यागी के घर बहुत में अच्छा-खासा माल हो सकता है जिसके बाद इन्होने ओमवीर को रेकी करने के लिए भेजा।
योजना के मुताबिक कपिल कुमार शुक्रवार को मुज्जफरनगर से देहरादून आया और यहाँ उसे शुभम त्यागी और ओमवीर मिले। फिर इन दोनों ने फुरकान और वसीम को पर्ल हाइट तक छोड़ा जिसके बाद उन्होंने घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद लूट का बंटवारा करने बदमाश बिहारीगढ़ पहुंचे थे, जहाँ उनकी मुठभेड़ पुलिस से हुई।
गुमराह करने के लिए लिया राजीव अग्रवाल का नाम:
मास्टरमाइंड शुभम त्यागी ओमवीर के साथ घटनास्थल की रेकी कर रहा था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए जानबूझकर राजीव अग्रवाल का नाम लिया। ताकि पुलिस की जांच राजीव की तरफ घूम जाए। वह राजीव अग्रवाल को भी अच्छी तरह से जानता था उसे इन दोनों के बीच के विवाद की भी जानकारी थी।