Uttarakhand: इधर बेटी की डोली उठी उधर पिता की अर्थी, खुशी के दिन पसरा मातम

बेटी के मंडप में फेरे हो रहे थे, लेकिन पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। जब बेटी की विदाई हुई, तो पिता ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
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Father's death on daughter's wedding: Father Died On The Day of Daughter Wedding in Champawat
Image: Father Died On The Day of Daughter Wedding in Champawat

चम्पावत: यहाँ एक ही दिन में एक ही घर में दो घटनाएं हुई हैं एक में ख़ुशी थी तो दूसरे में गम। लोहाघाट के सुई पऊ गांव निवासी दीपक चंद्र जोशी (53) पुत्र भवानी दत्त की सबसे छोटी बेटी सुनीता की शादी दिन ही मृत्यु हो गई।

Father Died On The Day of Daughter's Wedding in Champawat

लोहाघाट क्षेत्र में एक परिवार में बेटी की डोली उठने के कुछ ही घंटों बाद पिता की अर्थी उठ गई। थोड़ी देर पहले दुल्हन को विदा करने के बाद उसके पिता की अर्थी उठने से परिवार और गांव में शादी की खुशियां दुख में बदल गईं। जिस घर में एक दिन पहले खुशियां छाई हुई थी वहां अचानक मातम पसर गया।

अधूरी रह गई बेटी के हाथ पीले करने की ख्वाहिश

चंपावत के लोहाघाट के सुई पऊ गांव निवासी दीपक चंद्र जोशी उम्र 53 वर्ष अपनी बेटी के हाथ पीले करने की ख्वाहिश अधूरी रह गई। शनिवार को मेहँदी वाले दिन उनकी तबीयत अचानक खराब होने पर हॉस्पिटल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। लेकिन घर में शादी के चलते उनकी मौत की खबर किसी को नहीं लगने दी और घर पर बताते रहे की मरीज आईसीयू में भर्ती है। जब बेटी की विदाई हो गई उसके बाद पिता का पार्थिव शरीर घर पर लाया गया और अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट में किया गया। मृतक दीपक की तीन बेटियां और दो बेटे हैं।

सबसे छोटी बेटी की थी शादी

शादी के दिन 28 अप्रैल को ही उन्होंने दम तोड़ दिया था, विवाह में कोई अड़चन न आए इसके चलते मृतक दीपक चंद्र जोशी के पार्थिव शरीर को अस्पताल में ही रखा गया और उनके उनके निधन की खबर भी शादी की रस्में पूरी होने के बाद दी गई। जिसके बाद उनके भाई प्रकाश चंद्र जोशी ने कन्यादान की रस्म निभाई।