उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद से कई ऐसे छात्रों का चयन हुआ हैं जिन्होंने विषम परिस्थियाँ होने के बावजूद भी टॉपर में जगह बनाई है।
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Chamoli Pravendra Singh Made Place In Top 25 State Merit List
चमोली: जिले के सबसे दूरस्थ गाँव ईराणी के छात्र प्रवेंद्र ने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ बकरियों का पालन, खेती का काम भी किया और परीक्षा के परिणाम के बाद प्रवेंद्र प्रदेश की टॉप 25 सूची में 19वें स्थान पर आए।
Chamoli Pravendra Singh Made Place In Top 25 State Merit List
एक ओर जहां उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लोग अच्छी शिक्षा व्यवस्था की कमी को देखते हुए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, वहीं कुछ बच्चे पहाड़ों में रहकर भी घर के कामकाज के साथ पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ कमाल जनपद चमोली के दूरस्थ छात्र ने किया है, ईराणी गाँव के प्रवेंद्र सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज पाणा-ईराणी से 12वीं की परीक्षा दी और प्रवेंद्र ने 500 में से 464 अंक हासिल करके 92.80 प्रतिशत के साथ 19वीं रैंक हासिल की है।
रिजल्ट के समय भी खेत में कर रहे थे काम
जनपद चमोली के सबसे दूरस्थ क्षेत्र में ईराणी गांव पड़ता है, यहां जाने लिए आज भी करीब 10 किमी की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। प्रवेंद्र का गांव इतना दूरस्थ है कि परीक्षा परिणाम आने के काफी देर तक भी उन्हें अपने रिजल्ट के बारे में पता नहीं चला। जब उन्हें अपने नाम मेरिट लिस्ट में होने की जानकारी मिली तब भी वो खेत में गुड़ाई का काम कर रहे थे। प्रवेंद्र के पिता देवेंद्र सिंह बकरी पालन का काम करते हैं जबकि मां हेमा गृहणी हैं।
बीमार माँ का काम में बढ़ाया हाथ
उनकी माँ ने बताया कि वह अक्सर बीमारी रहती है। ऐसे में पढ़ाई के साथ प्रवेंद्र ने घर के काम में हाथ बंटाया, बकरी चराई और खेती भी की। भले ही पहाड़ी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बहुत सारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता हो लेकिन फिर भी वह अपने मुकाम को हासिल करने लिए सदैव तत्पर हैं।